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भागदौड़ से भरी इस लाइफस्टाइल के बीच नपुंसकता जैसी समस्याएं अपने पैर पसार रही है। ऐसी समस्याओं का बढ़ने का मुख्य कारण समय पर इलाज न करवाना है। दरअसल डॉक्टर बताते है कि ऐसी बातें वह किसी के सामने खुलकर नहीं कह पाते। झिझक और हिचकिचाहट के चलते इस समस्या को किसी के साथ शेयर नहीं करते। लोहिया संस्थान के उरोलॉजिस्ट डॉ. ईश्वर राम दयाल बताते है कि दिन भर में लगभग 100 मरीज आते है, जिसमें से 20 के करीब युवा नपुंसकता से जूझ रहे है। खासकर 25 से 35 साल के युवा तेजी से इस बीमारी की जद में आ रहे है। यह प्रदेश के सामने एक बड़ी चुनौती है।youva
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क्या है नपुंसकता के कारण

धूम्र पान: तम्बाकू, सिगरेट, पान मसाला, हुक्का बार व अन्य चीजों के प्रति आज के युवा ज्यादा रुचि रखते हैं। सिर्फ सिगरेट ही नहीं अन्य नशे के पदार्थ जैसे गांजा, चरस, स्मैक, शराब के सेवन से भी नपुंसकता बढ़ रही है। इन नशीले पदार्थों से रक्त सरंचना प्रभावित होती है। इससे शरीर में मौजूद यौन हार्मोन उचित रूप से विकिसत नहीं हो पाते। नतीजन, यह हार्मोंसउचित क्रिया करने में सक्षम नहीं रहते और यौनशक्ति में कमी आने लगती हैं।

प्रदूषण: आई टी आर के डायरेक्टर अलोक धवन कहते है कि प्रदूषण भी नपुंसकता का कारण बन सकता है। वायु में लगातार बढ़ रहे डस्ट पार्टिकल्स शरीर में रह जाते है और आसानी से बहार नहीं निकलते। इनसे सांस की बिमारी से लेकर नपुंसकता तक हो सकती है। उन्होंने बताया सबसे अधिक बैटरी का कार्य करने वाले लोग नपुंसकता के शिकार होते है।

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