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स्वतन्त्र भारत के इतिहास में 7 नवम्बर, 1966 का दिन बड़ा महत्वपूर्ण है। ये वही तिथि है जब राजधानी दिल्ली में संसद भवन के सामने गोवंश की रक्षा की माँग करते हुए 10 लाख से भी अधिक गोभक्त एकत्र हुए थे। ये  इतना बड़ा प्रदर्शन भारत तो क्या, शायद विश्व के इतिहास में कभी नहीं हुआ था; पर इन गोभक्तों को यह देखकर बड़ी निराशा हुई कि जिस प्रकार कसाई गोमाता पर अत्याचार करता है, उसी प्रकार कांग्रेस सरकार ने इन गोभक्तों पर अत्याचार किये।

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हमारे देश में गोरक्षा को लेकर कभी कानून नहीं बन पाया। जब जब इसे लेकर संसद में बात हुई भी, तो कोई न कोई अड़ंगा लगता रहा।  यहाँ ऐसे ही एक और उदाहरण की हम बात कर रहे हैं और आपको बताने जा रहे हैं…

7 नवम्बर, 1966 को दिल्ली की सड़कों पर गोमाता की जय, भारत माता की जय, गोहत्या बन्द हो, ऐसे नारे लगाते हुए जनसमुद्र उमड़ पड़ा। इससे इन्दिरा गान्धी के कांग्रेस शासन की नींव हिलने लगी।

क्या हुआ था 1966 में?

इंदिरा गाँधी को मिला था कैसा श्राप, जपो आगे जाकर सच भी हुआ?

करपात्री महाराज ने क्यों दिया था इंदिरा गांधी को श्राप?

आगे को कैसे और क्यों मिला श्राप, क्या इंदिरा गाँधी के इस बड़े धोखे के बारे में जानते हैं आप…

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