loading...

12391205_558060364343652_9215441043589835250_n

प्रथम मै कहना चाहुंगा के विज्ञान को छोड कर फिल्म, क्रिकेट, फालतु टी.व्ही कार्यक्रम, रीयालीटी शो और टाईमपास मे ज्यादा व्यस्त रहने वाले हमारे भारतिय नागरीकों मे तर्क शक्ति का बिलकुल अभाव है । 40 साल पहले भारत ने SLV नामक स्वदेशी रॉकॅट बनाने के लिये 20 करोड का बजॅट पास किया तब कई लोगों ने शिकायत की और भारत सरकार को उपालंभ दीया के भारत जैसे गरीब देश को इतनी फिजूल खर्ची नही करनी चाहीये ।

ISRO के युवा इंजीनियरों ने बनाये बहोत से रॉकेट विफल रहे और अंतरीक्ष तक उड न सके इस पर कुछ लोग और गुस्सा हुए और इस फिजूल खर्ची पर सरकार को आडे हाथों लिया । Failure is a pillar of success यह मूलमंत्र वे भुल गये या तो उनको इसके बारे मे पता ही नही था । अब देखने की बात यह है के satellite launching के प्राथमीक चरण मे अमेरीका और रूस जैसे देशों की कितनी फजेती हुई है (और आज भी हो रही है)

पूरा लेख पढ़ने के लिए Next पर क्लिक करे….

1 of 2
CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

शेयर करें