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भारतीय सेना ने जब से पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया, तब से ही पुरे देश में ख़ुशी का माहौल हो गया था। सर्जिकल स्ट्राइक उरी हमले के दस दिन बाद अंजाम दिया गया, और इस ऑपरेशन से हिन्दुस्तानियों ने पहले ही दिवाली मना ली और खूब धूमधाम से आतिशबाजी भी की। भारतीय सेना के वीर पैरा कमांडो द्वारा किये गए इस सर्जिकल स्ट्राइक की उन्हें देशवासियों ने खूब बधाइयाँ भी दी।

आपको बता दे कि, भारतीय सेना के पैरा कमांडोज भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेस में से एक है ये भारत के मोस्ट डेडली स्पेशल फ़ोर्स है। इन कमांडोज को ऐसे ऑपरेशन अंजाम देने के लिए बहुत ही सख्त से सख्त ट्रेनिंग से इन्हें तैयार किया जाता है। जब इन कमांडोज की ट्रेनिंग होती है तो 90 फीसद से ज्यादा कमांडोज ट्रेनिंग बीच में ही छोड़कर चले जाते है और जो बाकि बचते है वह भारत के स्पेशल फ़ोर्स पैरा कमांडोज बनते है।

लेकिन आज हम आपसे बात करते है उन नेताओं के बारें में जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनमें से प्रमुख अरविन्द केजरीवाल रहे जो देश की राजधानी के मुख्यमंत्री है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन के लिए सबूत मांगे, जिसके कारण देशवासियों से उन्हें खूब आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा। वहीँ कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने भी भारतीय सेना द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़े किये और इन्होने तो इस ऑपरेशन को फर्जी ही बता दिया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के सबसे करीबी रहे अन्ना हजारे ने बताया कि, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना बहुत गलत बात है और मैं उनके इस बात की निंदा करता हूँ। हालाँकि, अरविन्द केजरीवाल अन्ना को अपना गुरु मानते है।

आगे पेज में देखियें विडियो: देखें किस तरह से ये जवान आतंकियों को मारकर उन्हें उठा लेने की बात करते है…

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