वाशिंगटन पोस्ट ने शलभ कुमार पर छापी ‘गलत’ खबर, भारतीय-अमेरिकी खफा

ट्रंप को लेकर फैली निराश को लेकर जहां एक तरफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है वहीं ट्रंप के चुनाव प्रचार में जोर-शोर से हिस्सा लेने वाले और रिपब्लिकन हिंदू गठबंधन के हेड शलभ कुमार का मानना है कि ट्रंप के खिलाफ गलत कैंपेन चल रहा है और सूचनाएं अपने हिसाब से परोसी जा रही हैं। वह ट्रंप का बचाव कर रहे हैं। वह लोगों से ट्रंप के खिलाफ बन रहे माहौल को गलत बताते हैं। उन्होंने कहा था कि जैसी भारत तक खबरें पहुंच रही हैं, दरअसल हो ठीक इसका उलट रहा है।

शलभ के मुताबिक, ट्रंप सफल राजनेता से पहले सफल बिजनेसमैन हैं और कोई ऐसा कदम नहीं उठाएंगे, जिससे अमेरिकी हितों को धक्का पहुंचे। उन्होंने कहा था कि यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि अब तक पूरे विश्व को आईएसआईएस और आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ने की अपील करने वाला वही बड़ा तबका ट्रंप के एक उचित कदम के बाद बदल क्यों गया? क्योंकि ट्रंप उनके कैंप के नहीं हैं? ट्रंप ने कोई बमबारी नहीं कराई, कोई युद्ध नहीं किया, फिर इस तरह की बातें क्यों? शलभ के अनुसार, दरअसल पूर्वाग्रह तर्क और तथ्य पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने वीजा से जुड़ी खबरों का हवाला देते हुए कहा कि बिना किसी आदेश के पूरे विश्व में विरोध हो गया, जबकि अभी तक उस दिशा में कोई पहल भी नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि जैसा कहा जा रहा है वैसा नहीं होगा और उनकी वीजा पॉलिसी से भारत जैसे देश या यहां के प्रोफेशनल्स को कोई असर नहीं पड़ेगा।

वहीं भारत का पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका की भूमिका के बारे में भी शलभ कुमार ने अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलकर आने के बाद कहा था कि ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच ‘गहरी दोस्ती’ को बढ़ावा देंगे। रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन (आरएचसी) के संस्थापक और अध्यक्ष शलभ कुमार ने ट्रंप टॉवर्स में ट्रंप, नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति माइक पेंस, ट्रंप की बेटी इवांका, बेटों डॉन और एरिक और आगामी ट्रंप प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। ट्रंप के लिए हिंदुओं को एकजुट करने में प्रमुख भूमिका निभा चुके और सत्तांतरण वित्त एवं उद्घाटन समिति के लिए नियुक्त किए गए कुमार ने कहा था कि ट्रंप के प्रशासन को ‘भारत के साथ एक अच्छा संबंध रखने का इंतजार है।’ कुमार ने कहा था कि बैठक के दौरान उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार बढ़ाने के तरीकों के बारे में चर्चा की। कुमार ने कहा था कि ‘हमने चीन और पाकिस्तान के बारे में नीतियों पर और इनके प्रति भारत के रुख पर भी चर्चा की।’

कुमार ने कहा था कि ट्रंप ‘अच्छी तरह जानते हैं’ कि आतंकवाद भारत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है और ‘वह इस बात को लेकर भी आश्वस्त हैं कि वह पाकिस्तान को सही चीजें करने के लिए राजी कर सकते हैं और असल में भारत और पाकिस्तान के बीच मैत्री स्थापित कर सकते हैं।’