वाशिंगटन पोस्ट ने शलभ कुमार पर छापी ‘गलत’ खबर, भारतीय-अमेरिकी खफा

वाशिंगटन पोस्ट ने भारतीय अमेरिकी बिजनेस मैन शलभ कुमार को लेकर एक खबर छापी थी। जिसमें बताया गया था कि वह ट्रंप के खासमखास हैं और हिंदूवादी विचारधारा को लगातार बढ़ाने की जुगत में लगे हुए हैं। ऐसे में ट्रंप से उनकी नजदीकी को मोदी सरकार भी भुनाने की कोशिश में है और उन्हें अमेरिका का एंबेसडर बनाया जा सकता है। वाशिंगटन पोस्ट की इस लेख में शलभ कुमार को लेकर कई तथ्यों को शामिल किया गया है और बताया गया है कि वह हिंदुओं को लेकर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट तौर पर पेश करते हैं और इसी का प्रभाव है कि वह ट्रंप के चहेते लोगों में से हैं। इसी वजह से भारत की नरेंद्र मोदी सरकार अमेरिका में उन्हें बड़ी जिम्मेवारी सौंपने की तैयारी है। अमेरिका में रह रहे हिंदू लोगों के संगठन ने इस खबर को सिरे से खारिज करते हुए लिखा है कि यह मनगढ़ंत खबर है और इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। इस खबर को लिखे जाने को लेकर वाशिंगटन पोस्ट से रिपब्लिकन हिन्दू कोअलिशन के लोगों ने माफी की भी मांग की है।

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वाशिंगटन पोस्ट की इस खबर को लेकर अमेरिकी संसद के एक सदस्य ने भी इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। अखबार को अपनी तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में शलभ कुमार हमेशा से प्रयासरत रहे हैं ऐसे में उनके ऊपर किसी भी तरह का सवाल खड़ा करना वाजिब नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस बार ट्रंप सरकार का नारा भी शलभ कुमार ने हीं दिया था। जिस कारण ट्रंप को भारतीय अमेरिकन समुदाय के लोगों का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हुआ था।

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इससे पहले शलभ कुमार कई मुद्दों पर मुखर होकर अपनी राय देते रहे हैं। खासकर आतंकवाद के मुद्दे पर वह खुलकर बोलने से कभी भी पीछ नहीं रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि अमेरिका-भारत गठबंधन आतंकवाद के लिए एक ‘‘प्रचंड’’ खतरा है।

रिपब्लिकन हिन्दू कोअलिशन के संस्थापक शलभ कुमार ने ब्रीटबर्ट न्यूज से कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकसाथ मिलकर अब आतंकवादियों के सबसे बड़े शत्रु हैं। दोनों प्रतिबद्ध राष्ट्रवादी हैं और दोनों ही जनता के लिए अधिक नौकरियों तथा आर्थिक वृद्धि के लिए आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।