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नई दिल्ली। जापान के साथ कई क्षेत्रों में भारत ने ऐतिहासिक समझौता किया है। लेकिन भारत और जापान की इस दोस्ती से चीन बेचैन हो गया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत को चेताया है कि वो जापान के साथ मिलकर चीन के खिलाफ कोई गोलबंदी ना करे। आमतौर पर चीन के सरकारी अखबार में छपा लेख-सरकार का ही अनौपचारिक विचार माना जाता है। लेकिन सवाल है कि चीन इस नजदीकी से क्यों डरा है? शिंजो आबे ने पीएम को बुलेट ट्रेन की रफ्तार से काम करने वाला बताया है, सवाल ये है कि क्या पीएम मोदी चीन के लिए भी साबित हो रहे हैं कूटनीति के बुलेट राजा? 12342421_10156418644985165_1711258453599617529_n

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प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे वाराणसी में होने वाली गंगा आरती में शामिल हुए। दोनों देशों के मजबूत होते रिश्ते की ये इबारत चीन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दरअसल, 1962 की जंग में चीन ने जिस तरह से भारत के पीठ में छुरा घोंपा था उसे कोई भी हिंदुस्तानी भुला नहीं सकता है। ठीक इसी तरह से द्वितीय विश्वयुद्ध में जिस तरह से जापानी फौजों ने चीन को रौंदा था उसे चीन आज तक नहीं भुला पाया है। इतिहास की ये गांठ भारत चीन और जापान के रिश्तों में आज भी बहुत अहम है।

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