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यह भारतीय बिस्किट ब्रांड है जिसका पूरी दुनिया पर राज है, यहाँ पढ़े इसका रहस्य 

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ऐपल, गूगल और फ्लिपकार्ट जैसे ब्रांडों पर पूरी दुनिया की नजर रहती है लेकिन ये कहानी एक ऐसे ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड की है जिसे जानता हर कोई है पर उसके बारे में कभी चर्चा नहीं होती। इसके मालिक का नाम आपको बहुत मुश्किल से याद आएगा या फिर शायद न भी याद आए। ये सीआईआई जैसे किसी औद्योगिक संगठन का हिस्सा भी नहीं है। इसने शायद ही कभी अंबानी-अदानी की तरह किसी प्रधानमंत्री के पास किसी तरह की कारोबारी सुविधाएं मांगने के लिए कोई प्रतिनिधि मंडल भेजा हो।

इसका जिस बड़े पैमाने पर उत्पादन और वितरण होता है वो किसी चमत्कार से कम नहीं है।भारत के हर कोने में मिलने वाले पीले धारीदार पैकेट में बिकने वाले पारले जी बिस्किट की सफलता किसी को भी हैरान करने के लिए काफी है।

(पारले जी का मालिक चौहान परिवार हैं जो थम्स अप, फ्रूटी, बिसलरी और मोनैको जैसे ब्रांड के भी संस्थापक हैं)

दुनिया भर में सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर के क़रीब इतने ही यूजर्स है – 30 करोड़

चांद और धरती के बीच की दूरी – 7.25 लाख किलोमीटर (अगर एक महीने में तैयार होने वाले पारले जी बिस्किट को एक दूसरे से लगाकर बिछा दिया जाए तो उसकी लम्बाई इसके बराबर हो जाएगी)

हर सेकेंड में खाए जाने वाले पारले जी बिस्किटों की संख्या – 4,551 (यानी हर रोज करीब 39.3 करोड़ बिस्किट) दुनिया का सबसे ज़्यादा बिकने वाला कुकीज’ ओरियो प्रतिदिन क़रीब 9.5 करोड़ बिकता है। ओरियो से पारले जी की तुलना करने पर आपको इसकी पहुंच का अंदाज लग जाएगा।

हर महीने बिकने वाले पारले जी बिस्किटों की संख्या – 1 अरब
भारत की आबादी तकरीबन 120 करोड़ है यानी हरेक आदमी के लिए औसतन – 121 बिस्किट

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