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नई दिल्ली। भाजपा ने लोकसभा में असहिष्णुता पर बहस के दौरान विपक्ष को आंकड़ों का आईना दिखाया। भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों का जबाव देते हुए सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पिछले चार साल में सांप्रदायिक हिंसा की 85 फीसद घटनाएं सात राज्यों में हुई हैं, जो या तो कांग्रेस शासित है या फिर गैर-भाजपा शासित।

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उन्होंने आरोप लगाया कि एक ऐतिहासिक बहुमत से चुनी हुई सरकार को बदनाम करने के लिए जानबूझकर असहिष्णुता का मुद्दा उठाया जा रहा है और राज्य सरकार के अधीन आने वाले कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।

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आंकड़ों से लैस मीनाक्षी लेखी ने सदन को बताया कि पिछले चार साल में देश में सांप्रदायिक हिंसा की कुल 2715 घटनाएं दर्ज की गईं। यानी 2011 से 2015 के बीच चार साल में हर महीने औसतन 57 सांप्रदायिक झड़पें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इनमें 85 फीसद सांप्रदायिक झड़पें सात राज्यों में हुई हैं। इनमें से कोई भी राज्य भाजपा शासित नहीं है। इनमें या तो कांग्र्रेस की सरकार है या फिर उसके सहयोगी दलों की।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से राज्य सरकार के अधीन आता है। इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। लेकिन ऐतिहासिक बहुमत से सत्ता में आई मोदी सरकार को बदनाम करने के जानबूझकर असहिष्णुता का हौवा खड़ा किया जा रहा है।

सच्चर कमेटी के आंकड़ों से भी भाजपा सांसद ने विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। मीनाक्षी के अनुसार सच्चर कमेटी के आंकड़ों में गुुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते मुसलमानों की आय से लेकर उनकी सामाजिक व आर्थिक स्थिति में हुए इजाफे की तरफ इशारा किया गया है। कमेटी ने गुजरात की तत्कालीन मोदी सरकार के कामकाज की सराहना की है।

लेखी ने खासतौर से कांग्र्रेस और वामपंथियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उनके शासन की शैली अंग्र्रेजों वाली है। उनकी नीति है कि हिंदुओं को जातीयता के नाम पर बांटो और मुसलमानों का ध्रुवीकरण करो।

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गोहत्या का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्र्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उनका कहना था कि देश के 29 राज्यों में 21 में गोहत्या प्रतिबंधित है। यह तब से प्रतिबंधित है, जब भाजपा सत्ता में नहीं थी और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे। उन्होंने कहा कि 1977 में आंध्रप्रदेश में उस समय गोहत्या को प्रतिबंधित किया गया था, जब विधानसभा की 287 सीटों में से कांग्र्रेस 219 सीटें जीती थी। उन्होंने कहा कि देश में गोहत्या के मुद्दे पर दंगे पहले भी होते रहे हैं, 2006 और 2013 में ऐसे दंगे हो चुके हैं। लेकिन अब इसे राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार को घेरने का मोहरा बनाया जा रहा है।

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