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नई दिल्ली। पठानकोट आतंकवादी हमले ने एक बार फिर से हमारी सुरक्षा तैयारियों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। 02TAX_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0_0-1452024813

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एक बात हमेशा जेहन में दौड़ती है कि इतना धन खर्च करने के वावजूद हमारे देश के सुरक्षा बल, खुफिया एजेंसियां इन घटनाओं को रोकने में सफल क्यों नहीं होती?

 गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 26 सालों में देश ने 136 आतंकी हमले झेले हैं। इसमें पठानकोट हमला भी शामिल है। 136 हमलों में से 121 हमले आम नागरिकों पर हुए हैं और 14 हमले वीआईपी पर हुए हैं। इन हमलों में दो हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 6000 से ज्यादा लोग घायल हो गए।Attack on Parliament
 सबसे ज्यादा पंजाब में : सबसे ज्यादा आतंकी हमले पंजाब (34) में हुए। जिसमें 1990-92 में ही 31 हमले हुए। इसके बाद 27 हमले राजधानी दिल्ली में तो 18 हमले जम्मू-कश्मीर में हुए।
Next पर पढ़े > हमलों को रोकने के प्रयास
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