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फेसबुक पर गाली देने वालों से छुटकारा कैसे मिले!

फेसबुक पर आपकी पोस्ट पर कोई गालियां देना शुरू कर दे तो आप क्या करते हैं? परेशान होते हैं? प्रताड़ित होते हैं? कानून-व्यवस्था से उम्मीद करते हैं? आखिरी ऑप्शन तो भूल ही जाएं…….

सोशल मीडिया पर दो तरह के लोग सक्रिय हैं। एक जो लिखते हैं और दूसरे जो बकते हैं। लिखने वाले लोग अच्छा भी लिखते हैं और बुरा भी लेकिन बकने वाले लोग बस बकते हैं। और जो वे बकते हैं, उनमें सबसे ज्यादा स्थान मां और बहन को दिया जाता है। अब कोई कहे कि जिस देश में महिलाओं को संसद में सिर्फ 30 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए दो दशक से लड़ाई हो रही है और अब तक इस मुद्दे पर सहमति हासिल न कर पाने के कारण नाकाम रही है, वहां ये अजब संयोग नहीं है कि ये बकने वाले मां और बहनों को इतना स्थान दे रहे हैं।

लेकिन महिलाएं इस बात को लेकर कतई खुश नहीं हैं। उन्हें यह स्थान नहीं चाहिए। इन महिलाओं के लिए पहली बार एक आधिकारिक आवाज उठी जिसे उसी वक्त आधिकारिक तौर पर दबा दिया गया है। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने इन बकने वालों पर जिन्हें सोशल मीडिया ट्रॉल्स कहते हैं, नियंत्रण की जरूरत की बात कही है। लेकिन एक अन्य और ज्यादा ताकतवर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सहन करना सीखो।

ये बकने वाले काफी लोकतांत्रिक और समदर्शी हैं। ये गाली बकते वक्त नहीं देखते कि सामने पुरुष है या महिला। अब पुरुष तो अक्सर पलट कर गाली दे देते हैं लेकिन महिलाएं सिर्फ खून का घूंट पीकर रह जाती हैं क्योंकि मां-बहन का जिक्र आएगा तो उन पर खुद पर ही गाली लगेगी ना। और ऐसा सबसे ज्यादा महिला पत्रकारों के साथ होता है।

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