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इटावा – सोमवार को आरएसएस के पथ संचालन के अवसर पर इटावा में दरम्यान पुल कहारन के करीब कुछ मुसलमानो को हाथ में फूल माला लिए खड़ा देखा गया । ये मुस्लिम लोग नगर पालिका परिषद के सभासद मोहम्मद अनीस के नेत्रत्व में आये थे जिन्होंने पथ संचालन में भाग लेने आये संघ कार्यकर्ताओं फूल मालाओं से स्वागत किया।

लोक भारत की रिपोर्ट के अनुसार मामले की नब्ज़ टटोलने पर मालूम हुआ कि सभासद के साथ फूल मालाएं लिए खड़े मोहल्ले के कई लोगों को यह नहीं मालूम था कि वे किसका स्वागत करने आये हैं । शायद उन्हें बताया ही नहीं गया था कि उन्हें संघ के लोगों का स्वागत करना है । आनन फानन में उन्हें कहारन पुल पर जमा कर लिया गया था और उनके हाथो में फूल मालाएं थमाँ दी गईं थीं ।

मुलायम सिंह यादव के गृह जनपद में संघ कार्यकर्ताओं का स्वागत मुस्लमान करें तो ये दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली जैसा है । संघ नेताओं का मुस्लिमो द्वारा किये जाने को भारतीय जनता पार्टी मुसलमानो की राजनैतिक सोच में परिवर्तन और भाजपा के प्रति पैदा हो रहे विश्वास कह कर प्रसारित कर रही है । जबकि यह सब हकीकत से परे ही नहीं बल्कि पूर्णतः एक बड़ी नौटंकी है जिसे संघ और भाजपा ने बड़े अच्छे ढंग से पेश किया है ।

संघ नेताओं के स्वागत के लिए फूल मालाएं लेकर खड़े मुसलमानो को यह नहीं बताया गया था कि वे जिन्हे मालाएं पहनाएंगे वे संघ के लोग हैं । इतना ही नहीं कई लोग तो समझ रहे थे कि कोई राजनैतिक नेता आने वाला है जिसके स्वागत के लिए उन्हें यहाँ इकट्ठा किया गया है ।

ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष अगुवाकारों की सलाह पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ का यह कैंप शुरू किया गया है। इस कैंप के पीछे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का दिगाम भी बताया जा रहा है। वे आगामी विधानसभा चुनाव में मुलायम के गढ़ मे उनको पटखनी देने के इरादे से पूरी तैयारी का खाका खींच रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे इटावा में संघ की दस्तक के रूप में भी देखा जा रहा है।

संघ की प्लानिंग कितनी परवान चढ़ेगी ये आने वाला समय ही बताएगा लेकिन फिलहाल सच यही है कि संघ नेताओं का स्वागत करने वाले मुस्लिम वहां न तो स्वेच्छा से आये थे और न ही उन्हें मालूम था कि उन्हें किसके स्वागत के लिए लाया गया है ।

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