पाकिस्तान में बचे 1.8% हिंदूओ को 70 साल बाद मैरिज एक्ट का झुनझुना थमाया गया

ताकि उनको White Tiger की तरह संरक्षण कर, पाकिस्तान में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके!

ब्लॉग : ( संजय कुमार, यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम ) :- 1947 में गांधी के कुकर्मों से जन्मे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बचे 1.8% हिंदूओ को 70 साल बाद मैरिज एक्ट का झुनझुना थमाया गया ताकि उनको White Tiger की तरह संरक्षण कर, पाकिस्तान में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके और यह दुनिया को दिखाया जा सके कि ये बचे पाकिस्तानी हिंदू उस उन्नत आर्य संस्कृति और सभ्यता की देन है जिनके पुर्वज श्रीराम, लव-कुश, श्रीकृष्ण, अर्जुन, बुद्ध हुआ करते थे। जिस सभ्यता-संस्कृति​ से मोहनजोदड़ो​ जैसी उन्नत शहर – सभ्यता निकली थी। जिसके खुदाई से इसी हिंदूओ के धर्मिक प्रतीक “स्वास्तिक” और पशुपति की मुर्तियां मिली है।

उसी तरह एक बंग्लादेश है जहां आज से 70 साल पहले 30% हिंदू हुआ करते थे जो अब सिर्फ 8-9% बचे है। यहां भी ये विलुप्त होने वाले है। फिर जब 2% बच जायेंगे तो यहां भी White Tiger बचाओ की तरह अभियान चलाया जायेगा ताकि शांति दुतो के देश में इनको पिजड़े में बंद कर, पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

इसी आर्य संस्कृति का विश्व में एक बहुसंख्य राष्ट्र भारत भी अभी बचा है जहां की पिढ़ी अपने मुल से कटकर, अपनी सभ्यता, संस्कृति और स्वतंत्रा को बचाये रखने के लिए संघर्ष करती दिख रही है क्योंकि इस भारत को सेकुलर बनने का एक ऐसा भयंकर रोग लग चुका है जिससे इसके पुर्वी​ (बंगाल) और दक्षिण (केरल) क्षेत्र भयंकर पिड़ित हो, अपने मरणासन्न की अवस्था में अपने उधार के लिए किसी नायक की आश में है। वैसे इनको एक और रोग है। कभी के कर्मयोग के सिद्धांत को जाति मे बदल। वह हर बात में अपनी-२ जाति खोजते हैं जिससे इनकी एकता भंग होती है और कमजोर साबित होते है।

एक उन्नत सभ्यता और संस्कृति का ऐसा भी हष्र हो सकता है क्योंकि वह पश्चिम से आये विघटनकारी विचारों के बहकावे और अत्याचार से अपनी ज्ञान, विज्ञान, प्राकृति, शुरवीरता को भुल, हीन भावना की शिकार होती गयी है।

लेकिन आज 21वी सदी की युवा पिढ़ी जागरूक हो रही है वह क्षणिक स्वार्थों का त्याग कर, एकताबद्ध हो रही है जो एक सुखद संदेश है।

जागते रहो जगाते रहो!