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झारखंड के एडचोरो में एक पहाड़ी पर बना हुआ शिवजी का मंदिर स्थानीय लोगों में विशेष मान्यता रखता है। लादा महादेव टंगरा के नाम से मशहूर यह मंदिर झारखंड की राजधानी रांची से 20 किलोमीटर दूर है। इस मंदिर में प्रत्येक रामनवमी पर श्रद्धालु आते हैं और भगवान नीलकंठ से आशीर्वाद लेते हैं।phpThumb_generated_thumbnail

चट्टान पर है भगवान राम और सीता के चरण चिन्ह

श्रद्धालुओं का मानना है कि वनवास काल के दौरान भगवान राम, सीता और लक्ष्मण यहां आए थे। यहां की एक पहाड़ियों पर उनके चरण चिन्ह भी अंकित हैं जिनकी भक्तजन पूजा करते हैं।

चट्टान पर हाथ फेरने से निकलता है पानी

लादा महादेव टंगरा मंदिर परिसर में एक चट्टान है। इस चट्टान के लिए कहा जाता है कि यदि सच्चे मन से इस पर हाथ फेरा जाए तो पानी का रिसाव होने लगता है। यहां पर आकर श्रद्धालुभक्त भगवान शिव की आराधना करते हैं।

महाशिवरात्री तथा रामनवमी पर लगता है मेला

इन दोनों ही कारणों से इस मंदिर की बहुत मान्यता है। यहां हर वर्ष महाशिवरात्रि, रामनवमी तथा सावन के महीने में मेले लगते हैं, जिनमें दूर-दूर से लोग मन्नतें मांगने आते हैं। इन दिनों यहां विद्यमान शिवलिंग को दूध से नहलाकर कर फूलों से श्रृंगार किया जाता है। विशेष आरती होती हैं तथा श्रद्धालुभक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

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