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नई दिल्ली- भारतीय जुडिशरी की चुनौतियों में पेंडिंग मुकदमों की बढ़ती तादाद और जजों की कमी को हमेशा से गिनाया जाता रहा है लेकिन अब पहली बार एक स्टडी के हवाले से जजों पर काम के दबाव का अंदाजा लगाया गया है। इस स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले हैं, हाई कोर्ट के जज किसी मुकदमे की एक सुनवाई में औसतन पांच मिनट से भी कम का वक्त देते हैं।

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