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शरीर को बलवान और मन को शक्तिशाली बनाने के लिए ‘बल समूह संयम योगा’ किया जाता है। बहुत अभ्यास से यह योग सिद्ध होता है। धारणा सिद्धि योगी के लिए यह बहुत ही सरल है।

कैसे करें बल समूह योगा : बल में संयम करने से व्यक्ति बलशाली हो जाता है। बलशाली अर्थात जैसे भी बल की कामना करें वैसा बल उस वक्त प्राप्त हो जाता है। जैसे कि उसे हाथीबल की आवश्यकता है तो वह प्राप्त हो जाएगा।

व्यक्ति जिस पर ध्यान देता है वह चिज सक्रिय होने लगती है यदि आप नकारात्मक बातों पर ध्यान देते रहते हैं तो नकारात्मक सक्रिय होकर आपने जीवन को तहस नहस कर देगा, लेकिन यदि आप सकारात्मक बातों पर ध्यान देते हैं तो जीवन में सब कुछ सकारात्मक ही होगा। ठीक उसी तरह आप अपने शरीर और मन को महत्व देने लगे और बल पर ही संयम करते रहें तो यह दोनों ही शक्तिशाली बन जाएंगे। शुरुआत छोटी चिजों से करें।

दिमाग की शक्ति को शरीर में उतारें : योग मानता है कि ‍शक्ति दिमाग में होती है शरीर में नहीं। दिमाग को आदेश दें कि आप शक्तिशाली हैं। इस सिद्धि को बल समूह में संयम ‍की सिद्धि कहते हैं। यह जब प्राप्त हो जाती है तो व्यक्ति हाथी के बल में संयम करने से हाथी के समान बल, सिंह के बल में संयम करने से सिंह के समान, गरुड़ के बल में संयम करने से गरुड़ के समान, वायु के बल में संयम करने से वायु के समान बल प्राप्त कर सकता है। 

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