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हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर के पूर्व OSD जवाहर यादव का tweet, आलोचनाओं के बाद लिया बयान  वापस, कहा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था उद्देश्य… dffgfdfg
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यह tweet हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर के पूर्व OSD और वर्तमान में हाउसिंग बोर्ड के चैयरमैन जवाहर यादव का है। उन्होंने JNU में नारेबाजी कर रही लड़कियों को जिस्मफिरोशी करने वाली तवायफों से भी गया गुजरा बताकर हंगामा खड़ा कर दिया है। विरोधियों का कहना है कि  जवाहर यादव का यह tweet किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता।

मुख्यमंत्री के खासमखास माने जाने वाले जवाहर यादव ने ट्वीट किया है कि ‘JNU में लड़कियां जो देशद्रोही नारेबाजी कर रही थीं उनके लिए सिर्फ यही कहूँगा कि तुमसे अच्छी तवायफें होती हैं जो जिस्म बेचती हैं देश नहीं।’ यादव के  इस ट्वीट के बाद से ही उनकी आलोचना शुरू हो गई है। विरोधियों का कहना है कि JNU में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी करने वालों का समर्थन कोई नहीं कर सकता चाहे वो लड़के हों या लड़कियां लेकिन लड़कियों की तुलना जिस्म बेचने वाली तवायफों से करके जवाहर यादव ने न केवल नारी की मर्यादा को भंग करने की कोशिश की है साथ ही सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहीम पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस ट्वीट की आलोचना की जा रही है।

संघ पृष्ठभूमि के जवाहर यादव को संयत भाषा का इस्तेमाल करने वाला माना जाता रहा है पर इस ट्वीट की भाषा से विरोधियों को उन की भाषा पर प्रश्न उठाने का मौका मिल गया है। विरोधियों द्वारा इस ट्वीट को शर्मनाक और गैर जिम्मेदाराना बताया जा रहा है।

बाद में जवाहर यादव ने एक और ट्वीट कर अपनी सफाई दी कि  ‘ मेरे द्वारा किए गए पिछले ट्वीट में किसी भी छात्रा की तुलना तवायफ से नहीं की गई। बल्कि जो बहन और बेटियां मजबूरीवश वेश्यावृति अपनाने पर मजबूर होती हैं उन्हें उन लड़कियों से बेहतर बताया गया है जो जेनयू के कैपस में देशद्रोही नारे, पाकिस्तान जिंदाबाद, कश्मीर को आज़ादी दो के नारे लगा रही थीं और भारत की बर्बादी तक जंग चलेगी की मांग कर रही थीं। वो वेश्याएं और तवायफ बहन बेटियां भी उनसे बेहतर हैं जो मजबूरीवश अपना शरीर तो बेच देती हैं लेकिन  भारत मां को नहीं बेचतीं।’

मीडिया और सोशल मीडिया में कड़ी आलोचना के बाद जवाहर यादव ने बाद में अपना बयान वापस ले लिया।  उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि मेरे किए गए ट्वीट के गलत भावार्थ निकाले गए । इसलिए मैं अपने बयान को वापिस लेता हूँ । मेरा उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नही था ।

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