loading...

crore-trees

loading...

पिथौरागढ़ – मशहूर पर्यावरणविद और एक करोड़ पौधे लगाने के लिए वर्ष 2000 में इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार से नवाजे जाने वाले कुंवर दामोदर सिंह राठौर का निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। उन्‍होंने अपनी पूरी जिंदगी पौधों को लगाने में लगा दी। इनके द्वारा करीब 125 प्रजाति के आठ करोड़ पौधे लगाए गए थे। उनके अंतिम वक्‍त भी उनके सिर के पास पौधे ही रखे थे।

25 मई को पिथौरागढ़ में जंगलों में लगी आग बुझाने के दौरान उन्हें सांस की दिक्कत हुई। अपने अंतिम दिनों में भी उन्होंने अपने ‘दोस्तों’ यानी पौधों का साथ नहीं छोड़ा और अपनी नर्सरी से कुछ पौधे अस्पताल के कमरे में ले आए थे। उनका कहना था कि जंगलों को आग से बुझाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने की जरूरत है। वह मार्मिक अंदाज में कहते थे कि जंगलों को बचाएंगे तभी हम और आप बचेंगे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंतिम सांस लेने से तीन दिन पहले बेहद कमजोर होने के बावजूद भी वह कुछ स्कूली बच्चों से मिले और उन्हें करीब 4000 पौधे बांटे।

दामोदर ने पेड़ लगाने के अपने इस अभियान की शुरुआत 1960 में की थी। तबसे लेकर अब तक उन्होंने 160 से भी ज्यादा प्रजातियों के 8 करोड़ से भी ज्यादा पौधे लगाए थे। उन दिनों कंधे पर बैग टांगे लंबी कद-काठी के दामोदर भनौरा और उसके आसपास के इलाकों में लोगों के लिए बेहद खास चेहरा बन गए। भनौरा में इन दिनों ज्यादातर हिस्सों में हरियाली है और इसका श्रेय दामोदर को जाता है।

CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

loading...
शेयर करें