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चाणक्य ने कहा था जिस देश के लोग अपने इतिहास को नहीं जानते और उस पर गर्व नहीं करते उस देश का अस्तित्व धीरे-धीरे मिट जाता है। भारतीय लोगों को अपने इतिहास के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहिए। अभी जो इतिहास जाना जाता है वह अंग्रेजों और वामपंथियों द्वारा लिखा गया है जो कि असत्य से प्रेरित है।1

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जिस तरह भारत में महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी महाराज, बाजीराव और पृथ्वीराज सिंह चौहान आदि ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था, उसी तरह राजा कृष्ण देवराय और उनके पूर्वजों ने भी अपनी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान को बचाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।

यह कहना कि सही नहीं है कि उन्होंने हिन्दू अस्मिता को बचाने के लिए मुसलमानों से लड़ाई लड़ी। इसीलिए कुछ लोग उन्हें हिन्दू हृदय सम्राट मानते हैं, लेकिन सच यह है कि उन्होंने कभी भी हिन्दू-मुसलमान का भेद नहीं किया। उनकी सेना में मुस्लिम भी सैनिक थे। उन्हें यवनाचार्य स्थापक भी माना जाता है। हालांक‍ि उनके लिए दुख की बात यह थी क‍ि उनको उन्ही विदेशी यवनों ने धोखा दिया जिनकों उन्होंने किसी राज्य का राजा बनाया था। राजा कृष्ण देवराय एक ऐसे महान राजा थे जिनकी उदारता और प्रजापालकता के चर्चे विश्व विख्‍यात थे।

सम्राट कृष्ण देवराय ने अपने प्रशासनिक सुधारों में बड़े पैमाने पर राजसत्ता के पारंपरिक भारतीय सिद्धांतों और नियमों का समावेश किया जिन्हें कौटिल्य, शुक्र, भीष्म और विदुर जैसे मनीषियों ने प्रतिपादित किया था। हालांकि एक सम्राट के तौर पर वे राज्य के मुखिया थे, लेकिन उनके शासन में नीति-निर्देशन के लिए एक मंत्री-परिषद भी थी जिसका नेतृत्व एक प्रधानमंत्री करते थे जिनका नाम था सलवा तिम्मा। ‘बरबोसा’, ‘पाएस’ और ‘नूनिज’ जैसे विदेशी यात्रियों ने उनके श्रेष्ठ प्रशासन और उनके शासनकाल में साम्राज्य की समृद्धि की चर्चाएं की हैं।

पुर्तगालियों से उन्होंने संबंध बनाए उनसे रक्षा और व्यापार में सहयोग प्राप्त किया और दिया। उन्होंने तुगंभद्रा पर बड़ा बांध तैयार किया था। नहर का निर्माण करवाया। खुद धार्मिक और विष्णु भक्त होने के कारण मंदिर कला को प्रोत्साहन दिया। राज्य के कलाकारों और वास्तुविदों के लिए उन्होंने बड़ा बाजार खड़ा कर दिया था।

उत्तर भारतीय लोग उत्तर भारत के वीरों के बारे में तो जानते हैं, लेकिन दक्षिण भारतीय सपूतों के बारे में कम ही जानते होंगे। उन वीर सपूतों में से एक हैं महान राजा कृष्ण देवराय। उनकी वीरता और कलाप्रियता के बारे में कम ही लोग जानते हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर दूसरे राजाओं ने उनका अनुसरण किया था। आओ जानते हैं उनके बारे में रोचक ऐसी 19 जानकारियां, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे और आपको गर्व भी होगा।

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स्रोतwebdunia
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