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बकरी का दूध बहुत से लोगों को भले ही पसंद न हो लेकिन इसके फायदे बहुत हैं। औषधीय गुणों के कारण यह विशेष गंध वाला होता है। इसे अब आम लोग भी समझने लगे हैं। इसीलिए डेंगू जैसे रोगों के मरीजों के लिए इसकी मांग बढ़ने लगी है। Dengue-Ke-Lakshan-aur-Upay
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बकरी के दूध को दोयम दर्जे का समझ जाता है लेकिन यह दूध कई मामलों में औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें कई प्राण रक्षक तत्व तो गाय के दूध से भी ज्यादा होते हैं। दिनों-दिन बढ़ती दूध की मांग के दौर में ग्रामीण अंचल में यह सस्ता और सहज ही मिल जाता है। कहावत ‘जैसा खाए अन्न वैसा रहे मन’ भी सटीक बैठती है। कारण यह है कि बकरियां जंगल में औषधीय पौधों को ही अपना आहार बनाती हैं और उनके दूध में इसकी सुगंध हो जाती है। इस दूध में औषधीय गुणों की मात्रा भी बहुत होती है। बकरी का दूध मधुर, कसैला, शीतल, ग्राही, हल्का, रक्त-पित्त, अतिसार, क्षय, खांसी एवं ज्वर को नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह वैज्ञानिकों द्वारा सत्यापित तथ्य है। बकरी पालन करने वाले लोग भी इसीलिए रोगों का शिकार कम बनते हैं क्योंकि उनका पालन करने के कारण बकरी के दूध से उनका संपर्क बना रहता है।

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