बेंगलुरु देगा पहला स्वदेशी जेट इंजन का तोहफा, टॉप देशों में शुमार होगा भारत

इनटेक फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीधर बलराम ने बताया, ‘हमने 8 फरवरी 2017 को पहली बार इंजन को शुरू किया। प्रक्रिया पूरी तरह से कामयाब रही। कुछ दूसरे टेस्ट चल रहे हैं। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि यह सर्टिफिकेशन के लिए पेश करने के लिए अगले 18 से 24 हफ्तों में उपलब्ध होगा।’

श्रीधर ने बताया कि MJE-20 एक गैस टरबाइन इंजन है, जो ड्रोन्स में इस्तेमाल हो सकता है। इंजन का वजन 2.16 किलो है। हालांकि, यह इंजन मिलिटरी में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन्स में यूज होने लायक नहीं है। श्रीधर ने कहा, ‘यही वजह है कि हम सर्टिफिकेशन के लिए अगले 24 हफ्तों में तैयार होंगे। हालांकि, इस कामयाबी ने हमें और बड़े इंजन विकसित करने के लिए प्रेरित किया है। हमारे पास MJE-40 और MJE-100 जैसे विकल्प हैं, जो ज्यादा बड़े ड्रोन्स को ताकत देने में सक्षम है। चूंकि ये गैस टरबाइन हैं, इसलिए इनकी मदद से लंबी अवधि की उड़ानें भरी जा सकती हैं।’

कंपनी के पास इंजन के कई दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं। इनमें से एक है SJE-350, कंपनी को लगता है कि इसकी मदद से सामरिक महत्व के बड़े प्लेन उड़ाए जा सकते हैं। इस इंजन का वजन 48.36 किलो है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि फाइटर जेट्स को उड़ाने के लिए इससे ज्यादा ताकतवर इंजन की जरूरत है। श्रीधर ने बताया, ‘हमें इस बात की जानकारी है। SJE-350 टि्वन इंजन है, जो एक फाइटर जेट को ताकत दे सकता है। हम हेलिकॉप्टरों की दिशा में भी काम कर रहे हैं। इसके लिए हम टर्बोशाफ्ट तकनीक पर काम कर रहे हैं।’