बेंगलुरु देगा पहला स्वदेशी जेट इंजन का तोहफा, टॉप देशों में शुमार होगा भारत

करीब 24 हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि बेंगलुरु भारत को पहला स्वदेश निर्मित जेट इंजन दे सकता है कि नहीं। अगर ऐसा हुआ तो भारत भी उन तीन देशों के ग्रुप में शामिल हो जाएगा, जिन्हें अपना जेट इंजन विकसित करने का गौरव हासिल है।

अभी तक सिर्फ अमेरिका, यूरोप (अगर सभी देशों को एक ग्रुप में गिना जाए) और इजराइल ही इस बात का दंभ भर सकते हैं। भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की एक 11 सदस्यीय टीम इस इंजन के सर्टिफिकेशन की तैयारियों में जुटी है।

बेंगलुरु की कंपनी इन्टेक डीएमएलएस के तहत काम करने वाली रिसर्च एंड डिवेलपमेंट फर्म पोएर जेट्स प्राइवेट लिमिटेड को इस प्रॉजेक्ट के लिए 20 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें से 9 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। एचएएल जैसी कंपनियों से टाई-अप के बाद मिले अनुभवों से समृद्ध इस कंपनी ने दो साल पहले खुद का गैस टरबाइन इंजन बनाने का फैसला किया था।