सीए की पढ़ाई छोड़कर शुरु किया वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम, लाखों में होती है कमाई, किसानों को भी देते हैं ट्रेनिंग

अगर कोई किसान एक एकड़ के लिए यूनिट डालना चाहता है तो उसको 10 हजार का खर्च करना पड़ेगा जिसमें उसे थाल बनवाना पड़ेगा और केंचुएं खरीदने पड़ेंगे। एक एकड़ के लिए लगाई गई यूनिट में किसान लगभग 7200 रुपए का मुनाफा कमा सकता है। – प्रतीक बजाज

मैं 10 एकड़ खेत में खेती करता हूं। पहले रासायनिक खाद डालता था जिसकी प्रति एकड़ 10 हजार की लागत आती थी जो पूरे खेत में सीधे-सीधे 60 हजार की हो जाती थी। सिर्फ खाद में ही खर्चा अधिक हो जाता था फिर मैंने प्रतीक से नीम वर्मी कम्पोस्ट खाद खरीदकर फसल में डाला अच्छा परिणाम मिला, काफी किफायती भी है। – अनिल प्रजापति (44 वर्ष),नयनपुर गाँव के किसान 

नीम की पत्तियों से तैयार वर्मी कम्पोस्ट खाद में उर्वरक और कीटनाशक दोनों की क्षमता है। इससे फसल की जड़ों में रहकर नुकसान पहुंचाने वाले कीटों का नाश हो जाता है। साथ ही उत्पादन भी कई गुना बढ़ जाता है। – डॉ. रंजीत, कृषि विज्ञान केंद्र बरेली के वैज्ञानिक

नीम पर रिसर्च कर बनाई नीम जैविक खाद

प्रतीक ने नीम की पत्तियों पर एक रिसर्च की जिसके फलस्वरूप नीम जैविक खाद तैयार की।

नीम की पत्तियों और निबौलियों से खाद बनाना आसान नहीं था। शुरुआत में मैंने नीम पर काफी रिसर्च की फिर मैंने केचुए वाली जैविक खाद में नीम की पत्तियों को सड़ाकर उसमें मिलाया जिसके फलस्वरूप नीम वर्मी जैविक खाद तैयार हुई। – प्रतीक बजाज

मंडी के कचरे से बनाई खाद

प्रतीक ने शुरुआती तौर पर फसलों के कचरे से खाद बनाना शुरू किया। एक दिन बड़ा बाइपास से गुजरते हुए उनकी नजर मंडी से बड़ी मात्रा में फेंकने को आए केले के पत्तों, खराब सब्जियों और उनके पत्तों पर पड़ी। प्रतीक ने इनसे खाद बनाने की सोची और बनाई जिससे बड़ा बाइपास पर कचरे की समस्या भी दूर हो गई और उन्हें खाद के लिए कच्चा माल भी मिल गया।

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