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नई दिल्ली। पठानकोट हमले के बावजूद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पाकिस्तान से बातचीत जारी रखने की वकालत की है बशर्ते इस पर सख्त कदम उठाए जाएं। संघ ने कहा है कि पठानकोट हमले के बाद भी भारत-पाक वार्ता जारी रखी जा सकती है, लेकिन हमले को लेकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। RSS

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संघ ने कहा है कि सरकार को मजबूती से भारत को सचिव स्तर की बातचीत में अपना पक्ष सबूतों के साथ पाकिस्तान के सामने रखना चाहिए। आज महाराष्ट्र के जलगांव में आरएसएस की दो दिवसीय चिंतन शिविर लग रहा है। इसमें पठानकोट हमले पर भी चर्चा की उम्मीद है।

वहीं कांग्रेस ने बातचीत रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि हमले के बाद बातचीत तुरंत रद्द हो। नवाज शरीफ की हुकूमत रायविंड से बाहर नहीं चलती। पाकिस्तान को राहिल शरीफ चलाते हैं। वहां तीन चीजें चलती हैं, अल्लाह, आर्मी और अमेरिका। एनएसए के बीच बैंकाक में क्या बात हुई थी। क्या सरकार सियाचीन और सर क्रीक को पाकिस्तान के हवाले करना चाहती है।

ये बातचीत तुंरत समाप्त करनी चाहिए। अगर आतंक चलता रहता है तो आप क्या बात करना चाहते हैं। बीजेपी बौखला गई है। आप (मोदी) लाहौर क्या करने गए थे।

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