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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नौकरी की तलाश में दिल्ली आई लड़कियों को अगवा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह झारखंड व पश्चिम बंगाल से नौकरी की तलाश में दिल्ली आई लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर अगवा कर लेते थे। बाद में लड़कियों को 40 हजार से 60 हजार रुपये लेकर उन्हें शादी के लिए बेच दिया जाता था।gang-rape_1442832426

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पुलिस ने गिरोह के मुखिया सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान अरविंद, नरेंद्र और संदीप के रूप में हुई है। सभी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। उनकी निशानदेही पर एक नाबालिग समेत दो लड़कियों को बरामद किया गया है। पुलिस ने 7 अन्य लड़कियों की पहचान भी कर ली है, जबकि तीन लड़कियों की पहचान बाकी है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

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पुलिस के मुताबिक 21 नवंबर को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाने में झारखंड के गुमला से दिल्ली आई एक लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद मे इसकी जांच क्राइम ब्रांच की एटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंपी गई।

पुलिस उपायुक्त राजीव शर्मा की टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि 19 वर्षीय पीड़िता उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित एक गांव में संदीप के साथ पत्नी के रूप में रह रही है। इसके बाद संदीप को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद कर लिया गया।

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पीड़िता ने बताया कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 5 अक्टूबर को अरविंद और उसकी पत्नी अंजली ने अच्छी नौकरी का झांसा देकर उसका अपहरण कर लिया था। बाद में संदीप से शादी करा दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने अरविंद को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ मे अरविंद ने खुलासा किया कि वह झारखंड और पश्चिम बंगाल से नौकरी की तलाश में नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने वाली लड़कियों को धोखे से अपनी गिरफ्त में कर लेता था। बाद में उन्हें शादी के लिए ऐसे ग्रामीणों को बेच देते थे, जिनकी शादी लिंगानुपात कम होने से दुल्हन नहीं मिलने के कारण नहीं हो पा रही थी।

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शादी करने वाले शख्स से 60 हजार रुपये तक वसूल करते थे। आरोपी अप्रैल से सक्रिय थे और 12 लड़कियों को बेच चुके है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस की एक टीम मुजफ्फरनगर के गोला गांव भेजी गई। वहां से पश्चिम बंगाल की किशोरी (14 ) को बरामद किया गया। उसे नंरेंद्र को बेचा गया था।

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पुलिस ने नरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। नरेंद्र ने बताया कि उसने शादी के लिए 40 हजार रुपये में नाबालिग को खरीदा था। पुलिस ने गिरोह द्वारा बेची गई 7 और लड़कियों पहचान कर ली है। रैकेट में शामिल अंजली और रवि पंडित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अरविंद ने अंजली से चार साल पहले शादी की थी। अंजली भी झारखड की रहने वाली है। बता दें कि मुजफ्फरनगर में एक हजार पुरुषों में महिलाओं की संख्या 863 है।

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