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सांकेतिक फोटो

नई दिल्ली- ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं और बड़ी खरीद के लिए प्राइवेट सेक्टर की नजर साउथ ब्लॉक पर टिकी है ताकि मैन्युफैक्चरिंग शुरू की जा सके। हालांकि इसी दौर में रक्षा मंत्रालय ने आर्म्ड फोर्सेज के आधुनिकीकरण के लिए आवंटित रकम का एक बड़ा हिस्सा लौटा दिया है।

रक्षा मंत्रालय ने इस साल मिलिट्री उपकरण खरीदने के लिए आवंटित फंड्स का 13.4 फीसदी यानी 11,595 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम लौटा दी है। मंत्रालय यह फंड खर्च नहीं कर पाया है जिससे कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट अटक गए। उल्लेखनीय है कि यह लगातार दूसरा साल है जबकि कैपिटल ऐक्विजिशन फंड्स के एक बड़े हिस्से को सरेंडर किया गया है।

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