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मलबे में दबी जिंदगी: 22 की मौत, बिटिया के कन्यादान की आस रह गयी अधूरी

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जल्द से जल्द फ्लाईओवर का काम पूरा करने की होड़ में हुई लापरवाही ने गुरुवार को दर्जनों लोगों की जान ले ली. फ्लाईओवर बनाने काे लेकर इस प्रकार की लापरवाही अब तक देखने को नहीं मिली है. आखिरकार किस बात की जल्दबाजी थी, यह वहां के लाेगों की समझ से परे है. 
कोलकाता : स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधवार की रात को ब्रिज के ऊपर कंक्रीट से ढलाई हुई थी. लेकिन ढलाई के बाद किसी प्रकार का सपाेर्ट नहीं दिया गया था. सपोर्ट नहीं होने की वजह से गुरुवार की दोपहर अचानक से ब्रिज का एक हिस्सा धराशायी हो गया.
गौरतलब है कि 31 मार्च 2016 को वित्तीय वर्ष समाप्त होनेवाला था, इसलिए राज्य सरकार जेएनएनयूआरएम योजना के तहत प्रोजेक्ट के कार्य को दिखा कर और फंड आवंटित कराना चाहती थी, जिसकी वजह से योजना पर कार्य तेजी से चल रहा था. लगभग दो महीने पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पाेस्ता में सभा की थी और उस सभा के दौरान ही उन्होंने चुनाव के पहले अर्थात मार्च महीने तक ब्रिज का काम पूरा करने का निर्देश दिया था. उन्होंने मंच से घोषणा की थी कि ब्रिज का 76 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी 24 प्रतिशत बहुत जल्द पूरा कर लिया जायेगा. हालांकि उन्होंने तो चुनाव के पहले इसे शुरू करने की बात कही थी और महानगर के लोगों को चुनाव का तोहफा देने का फैसला किया था.
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