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पिछले कुछ सालों से भारत के हर कोने में ‘2 मिनट में मैगी’ की आवाज गूंजती थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से ‘हाय मैगी हाय मैगी’ की गूंज सुनाई दे रही है। करोड़ों मैगी प्रेमी मैगी के परीक्षा में फेल होने से हैरान हैं। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि मैगी की भी परीक्षा हो सकती है और वह फेल भी हो सकती है। भारत में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब एकाएक लोग नींद से जाग जाते हैं। मैगी की असलियत आने पर लाखों लोगों की नींद खुल चुकी है लेकिन एक ऐसी चीज लोगों को नहीं दिख रही है जिसने भारतवासियों को मैगी से भी अधिक दीवाना बना रखा है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं भारत में घर घर की पसंद शीतल पेय यानि कोल्ड ड्रिंक की। शीतल पेय को लोग ठंडा, पेप्सी, थाम सप और कोका कोला के नाम से भी जानते हैं।

अगर शीतल पेय से होने वाले नुकसान और मैगी से होने वाले नुकसान की तुलना की जाए तो मैगी शीतल पेय के सामने कुछ भी नहीं है। जिन शीतक पेय पदार्थों से टॉयलेट तक साफ हो जाते हैं सोचिये उनसे हमारा लीवर और लीवर में उपस्थित भोजन पचाने वाले बैक्टीरिया किस तरह साफ हो जाते होंगे। कम लोगों को भी हमारे शरीर में उपस्थित बैक्टीरिया के बारे में पता होता है। हमारे लीवर में भोजन पचाने वाले कई तरह के बैक्टीरिया पाये जाते हैं जो भोजन को छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ने के अलावा उन्हें हमारी आतों के रास्ते शरीर से बाहर निकालने में भी मदद करते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़े – जांच में कई बार पाया गया है पेस्टिसाइड 

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