दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते होते हुए भी ऐसा क्या हुआ जो भारत को रूस के सामने रखनी पड़ी ये शर्त

मोदी जी के नेतृत्व में भारत अब मजबूती के साथ दुनिया के सामने अपनी बात रख रहा है। अब देश इतना मजबूत हो चुका है कि दुनिया का कोई भी देश अब भारत को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। पीएम मोदी ने अपनी दूरदर्शिता से जो कदम अपने कार्यकाल के शुरुवाती दिनों में उठाये थे उनका फायदा अब भारत के लोगों को मिल रहा है और भारत का मान बढ़ रहा है। 

भारत हमेशा से रूस का अच्छा मित्र रहा है और दोनों देश एक दूसरे के हितों की हमेशा चिंता करते हैं लेकिन रूस ने पिछली बार जब भारत के साथ एक सौदा किया था तो उस सौदे में किये गए वादे पर रूस ने पूरी तरह से अमल नहीं किया जिसकी वजह से भारत को नुकसान हुआ था. इसीलिए मोदी सरकार के प्रबल नेतृत्व में भारत ने अबकी बार रूस के सामने शर्त रख दी है.

अगले पेज पर जानें, क्या है वो सौदा जिसको लेकर अब भारत रूस के सामने रख रहा है शर्त

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने Gulbuddin Hekmatyar को आतंकी मानने से इंकार किया

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ( केशर देवी के साथ ) : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं चरमपंथी (आतंकवादी इस्लामिक कट्टरवादी नेता गुलबुद्दीन हेक्मतयार का नाम विश्व की सबसे बड़ी आतंकवादियों की सूची से हटा दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने निर्णय के बाद इस चरमपंथी नेता के ऊपर संपत्ति के इस्तेमाल, यात्रा करने और हथियार रखने पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अलकायदा प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं चरमपंथी नेता गुलबुद्दीन हेक्मतयार का नाम आतंकवादियों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद इस चरमपंथी नेता के ऊपर संपत्ति के इस्तेमाल, यात्रा करने और हथियार रखने पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त हो गया है।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति ने हेक्मतयार का नाम ISIS (दाएश) और अलकायदा प्रतिबंधित सूची से कल हटा दिया। 67 वर्षीय हेक्मतयार ने अफगानिस्तान सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रतिबंध समिति ने एक बयान जारी करके कहा, ‘संपत्ति पर रोक, यात्रा प्रतिबंध और हथियार रखने का प्रतिबंध अब हेक्मतयार पर लागू नहीं होगा।’ बयान में इस चरमपंथी नेता के बारे में विस्तृत जानकारी देने हुए कहा गया कि इनका नाम 20 फरवरी 2003 को सूची में डाला गया था और माना जाता था कि साल 2011 तक वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में था।

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हिज्ब-ए-इस्लामी पार्टी के संस्थापक एवं वर्तमान नेता हेक्मतयार ने पिछले साल सितंबर में अफगानिस्तान सरकार के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था और उनके कुछ सप्ताह में देश वापस लौटने की संभावना है।

हेक्मतयार 1980 के दशक में प्रमुख सोवियत विरोधी कमांडर थे। 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिका के हमले और तालिबान की समाप्ति के बाद उनका नाम आतंकी सूची में डाल दिया गया था। इस समझौते ने उसके लिए देश वापसी और संभवत: राजनीतिक जीवन में आने का भी रास्ता तैयार कर दिया है। साल 1997 से छिप कर रहने वाले इस नेता के पाकिस्तान में रहने की आशंका जताई जाती रही।

ISI से घनिष्ठ रखने वाला हेक्मतयार भारत विरोधी रुख रखता है।

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नीता अंबानी का विजय माल्या के साथ MMS हुआ लीक, दाव पर अम्बानी की इज्जत…

नीता अम्बानी का पेज 3 पार्टीज, आईपीएल के मैच या फिर कई फैशन शोज के दौरान उनका ग्लैमरस अवतार नजर आ चुका है। वे काफी लग्जरी लाइफ भी जीती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे दिन की शुरुआत जापान के सबसे पुराने क्रॉकरी ब्रांड ‘नोरिटेक’ के कप में चाय पीकर करती हैं। नोरिटेक क्रॉकरी की ख़ास बात यह है कि इसमें सोने (गोल्ड) की बॉर्डर है और इसके 50 पीस के सेट की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जाती है।

नीता अंबानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उनके ग्रुप के स्कूल में एडमिशन शुरू होते हैं, तब वे अपना फोन स्विचऑफ कर देती हैं। ऐसा वे धीरूभाई अंबानी स्कूल में एडमिशन के लिए फोन पर होने वाली सिफारिशों से बचने के लिए करती हैं। नीता बताती हैं कि धीरूभाई अंबानी स्कूल की गिनती मुंबई के टॉप 10 स्कूलों में होती है और यहां एडमिशन के लिए परीक्षा देनी पड़ती है। मैं चाहती तो सबको एडमिशन दे सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता। हम एजुकेशन क्वालिटी पर फोकस करते हैं।

अगले पेज पर देखिये विडियो..

America के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अब इन भारतियों को America से भगाने की तैयारी कर रहे है!

अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने बाद भारतीय आईटी कंपनियों पर आउटसोर्सिंग को लेकर शिकंजा कसने की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि इससे देश के आईटी सेक्टर को बड़ा नुकसान हो सकता है।

लेकिन इस नूकसान को लेकर भारतिय जनता को आईटी सेक्टर के लिए सहानूभूति दिखाने की कोइ जरूरत नही! क्या जरूरत थी भारतिय कंपनियों को अमरिका के लिए कुछ इस तरह के योगदान देने की?

विडियो में देखिये अमेरिका के लिए भारतियों ने क्या-क्या किया है ?

 

मोसुल: चारों ओर से घिर गया है ISIS, इराकी फौज को उम्मीद से ज्यादा कामयाबी

इराकी फौज युद्ध की चपेट में आए इलाके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालती हुई (AFP)

मोसुल : इराकी गठबंधन फौज पश्चिमी मोसुल के केंद्र में स्थित सरकारी इमारतों के मुख्य परिसर की ओर बढ़ रही है। इससे संकेत मिल रहा है कि मोसुल की जंग में इराकी फौज को उम्मीद से ज्यादा और जल्दी सफलता मिलने की उम्मीद है। पश्चिमी मोसुल इस्लामिक स्टेट (ISIS) का सबसे मजबूत गढ़ है। इराक में यह ना केवल उसका आखिरी पड़ाव है, बल्कि मोसुल को यहां IS की आखिरी उम्मीद कहना भी गलत नहीं होगा। आंतरिक मंत्रालय के अति-विशेष यूनिट्स के एक अधिकारी ने कहा, ‘प्रांतीय काउंसिल और प्रशासनिक इमारत हम हमारे त्वरित कार्रवाई बलों के निशाने की जद में हैं।’

उम्मीद से बढ़कर मिल रही है इराकी फौज को कामयाबी : इराकी फौज की कार्रवाई उम्मीद से ज्यादा कारगर साबित हो रही है। मोसुल की जंग शुरू होने से पहले उम्मीद की जा रही थी कि यहां रह रहे 4,000 से अधिक इस्लामिक स्टेट (ISIS) के लड़ाकों के खिलाफ इराकी फौज को सफलता हासिल करने में लंबा समय लग सकता है। अनुमान के मुताबिक, टिगरिस नदी का जो पश्चिमी हिस्सा फिलहाल IS के नियंत्रण में है, वहां उसने करीब साढ़े सात लाख आम नागरिकों को भी बंदी बना रखा है। अब इराकी फौज इस केंद्रीय हिस्से में IS के खिलाफ एकसाथ कई मोर्चे खोलने की रणनीति पर अमल कर रही है। इसका मकसद हर तरफ से IS पर दबाव बनाना है। चूंकि इराकी फौज के मुकाबले IS लड़ाकों की संख्या काफी कम है, तो ऐसे में कई मोर्चों पर एकसाथ जंग शुरू होने के कारण उसके पास इस युद्ध में इराकी फौज का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त आतंकवादी नहीं रह जाएंगे। वैसे IS स्निपर्स, आत्मघाती हमलावर, हथगोले, बमों और ड्रोन्स जैसे कई विकल्पों और हथियारों का इस्तेमाल कर जंग में खुद को कमजोर ना होने देने की पूरी कोशिश कर रहा है।

मोसुल: चारों ओर से घिर गया है ISIS, इराकी फौज को उम्मीद से ज्यादा कामयाबी

इराकी फौज युद्ध की चपेट में आए इलाके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालती हुई (AFP)

मोसुल : इराकी गठबंधन फौज पश्चिमी मोसुल के केंद्र में स्थित सरकारी इमारतों के मुख्य परिसर की ओर बढ़ रही है। इससे संकेत मिल रहा है कि मोसुल की जंग में इराकी फौज को उम्मीद से ज्यादा और जल्दी सफलता मिलने की उम्मीद है। पश्चिमी मोसुल इस्लामिक स्टेट (ISIS) का सबसे मजबूत गढ़ है। इराक में यह ना केवल उसका आखिरी पड़ाव है, बल्कि मोसुल को यहां IS की आखिरी उम्मीद कहना भी गलत नहीं होगा। आंतरिक मंत्रालय के अति-विशेष यूनिट्स के एक अधिकारी ने कहा, ‘प्रांतीय काउंसिल और प्रशासनिक इमारत हम हमारे त्वरित कार्रवाई बलों के निशाने की जद में हैं।’

उम्मीद से बढ़कर मिल रही है इराकी फौज को कामयाबी : इराकी फौज की कार्रवाई उम्मीद से ज्यादा कारगर साबित हो रही है। मोसुल की जंग शुरू होने से पहले उम्मीद की जा रही थी कि यहां रह रहे 4,000 से अधिक इस्लामिक स्टेट (ISIS) के लड़ाकों के खिलाफ इराकी फौज को सफलता हासिल करने में लंबा समय लग सकता है। अनुमान के मुताबिक, टिगरिस नदी का जो पश्चिमी हिस्सा फिलहाल IS के नियंत्रण में है, वहां उसने करीब साढ़े सात लाख आम नागरिकों को भी बंदी बना रखा है। अब इराकी फौज इस केंद्रीय हिस्से में IS के खिलाफ एकसाथ कई मोर्चे खोलने की रणनीति पर अमल कर रही है। इसका मकसद हर तरफ से IS पर दबाव बनाना है। चूंकि इराकी फौज के मुकाबले IS लड़ाकों की संख्या काफी कम है, तो ऐसे में कई मोर्चों पर एकसाथ जंग शुरू होने के कारण उसके पास इस युद्ध में इराकी फौज का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त आतंकवादी नहीं रह जाएंगे। वैसे IS स्निपर्स, आत्मघाती हमलावर, हथगोले, बमों और ड्रोन्स जैसे कई विकल्पों और हथियारों का इस्तेमाल कर जंग में खुद को कमजोर ना होने देने की पूरी कोशिश कर रहा है।

देखें वीडियो: बंद कमरे में इस हॉट लड़की ने जो किया उसका किसी ने वीडियो बना कर दिया वायरल

Hot Girl hot Dance

नई दिल्ली –  वैसे तो यह सभी को पता है कि लड़कियां हॉस्टल में क्या-क्या हरकतें करती हैं। गर्ल हॉस्टल में लड़कियों द्वारा किए जा रहे काम को देखने के बाद लोग हैरान रह जाते हैं। कुछ ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इन दिनों बॉलीवुड के गानों पर डांस कवर के रूप में सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करना आजकल आम बात हो गई है। डांस के हुनरबाजों के लिए सोशल मीडिया अपना चलवा दिखाने का एक आसान और सबसे तेज जरिया बन गया है। Hot Girl hot Dance.

आप चाहें तो आप अपना भी वीडियो बनाकर यूट्यूब पर पोस्ट कर सकते हैं। इससे आपकी प्रतिभा पूरी दुनिया देख पाएगी। वैसे तो आपने कई सारे डांस वीडियो देखें होगें लेकिन इन दिनों इस लड़की का डांस वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक लड़की ने तू, तू है वो ही, दिल ने जिसे अपना कहा… गाने पर ऐसा डांस किया कि अच्छे-अच्छों के पसीने छुट जाएं।

वीडियो में लड़की तू, तू है वो ही, दिल ने जिसे अपना कहा… गाने पर हॉस्टल के रूम के अंदर बहुत ही सेक्सी डांस करती नजर आ रही है। इस वीडियो को अब तक 1,621,158 लोग देख चुके है। आप भी देखिये ये वीडियो, जिसमें आपको ये पता चलेगा कि किस तरह लड़कियां अपनी हॉस्टल लाइफ को एन्जॉय करती हैं।

देखिये वीडियो-

वाशिंगटन पोस्ट ने शलभ कुमार पर छापी ‘गलत’ खबर, भारतीय-अमेरिकी खफा

वाशिंगटन पोस्ट ने भारतीय अमेरिकी बिजनेस मैन शलभ कुमार को लेकर एक खबर छापी थी। जिसमें बताया गया था कि वह ट्रंप के खासमखास हैं और हिंदूवादी विचारधारा को लगातार बढ़ाने की जुगत में लगे हुए हैं। ऐसे में ट्रंप से उनकी नजदीकी को मोदी सरकार भी भुनाने की कोशिश में है और उन्हें अमेरिका का एंबेसडर बनाया जा सकता है। वाशिंगटन पोस्ट की इस लेख में शलभ कुमार को लेकर कई तथ्यों को शामिल किया गया है और बताया गया है कि वह हिंदुओं को लेकर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट तौर पर पेश करते हैं और इसी का प्रभाव है कि वह ट्रंप के चहेते लोगों में से हैं। इसी वजह से भारत की नरेंद्र मोदी सरकार अमेरिका में उन्हें बड़ी जिम्मेवारी सौंपने की तैयारी है। अमेरिका में रह रहे हिंदू लोगों के संगठन ने इस खबर को सिरे से खारिज करते हुए लिखा है कि यह मनगढ़ंत खबर है और इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। इस खबर को लिखे जाने को लेकर वाशिंगटन पोस्ट से रिपब्लिकन हिन्दू कोअलिशन के लोगों ने माफी की भी मांग की है।

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वाशिंगटन पोस्ट की इस खबर को लेकर अमेरिकी संसद के एक सदस्य ने भी इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। अखबार को अपनी तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में शलभ कुमार हमेशा से प्रयासरत रहे हैं ऐसे में उनके ऊपर किसी भी तरह का सवाल खड़ा करना वाजिब नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस बार ट्रंप सरकार का नारा भी शलभ कुमार ने हीं दिया था। जिस कारण ट्रंप को भारतीय अमेरिकन समुदाय के लोगों का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हुआ था।

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इससे पहले शलभ कुमार कई मुद्दों पर मुखर होकर अपनी राय देते रहे हैं। खासकर आतंकवाद के मुद्दे पर वह खुलकर बोलने से कभी भी पीछ नहीं रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि अमेरिका-भारत गठबंधन आतंकवाद के लिए एक ‘‘प्रचंड’’ खतरा है।

रिपब्लिकन हिन्दू कोअलिशन के संस्थापक शलभ कुमार ने ब्रीटबर्ट न्यूज से कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकसाथ मिलकर अब आतंकवादियों के सबसे बड़े शत्रु हैं। दोनों प्रतिबद्ध राष्ट्रवादी हैं और दोनों ही जनता के लिए अधिक नौकरियों तथा आर्थिक वृद्धि के लिए आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।

जवान वीरगति को प्राप्त होते हैं, उसका कारण "युद्ध" है या गले की फाँस बन गया "पाकिस्तान" ?

ब्लॉग: ( कुमार प्रियांक ) :- 1965 का वर्ष एक ऐसा वर्ष था जब भारत के तमाम विरोधियों को ऐसा लग रहा था कि भारत एक अत्यंत कमजोर देश है। कारण थे:- 1962 में वामपंथी चीन पर भरोसा कर नेहरू जी ने जरूरत से ज्यादा अच्छा दिखने के चक्कर में भद्द पिटा ली थी.., दूसरे अकाल का दौर था, तीसरे नेहरू जी की मृत्यु के बाद प्रधानमन्त्री बने थे छोटे कद के और पतली आवाज़ वाले चकाचौंध से दूर रहने वाले लाल बहादुर शास्त्री जी..!!

शास्त्री जी की पार्टी काँग्रेस भी यही मान कर चल रही थी कि शास्त्री जी सिर्फ एक अल्पकालिक व्यवस्था के तहत प्रधानमन्त्री हैं और देर-सबेर चापलूस संस्कृति के तहत नेहरू-गाँधी परिवार के वारिस को सत्ता मिलनी ही है..!!

पर जिस नियति ने शास्त्री जी के माथे पर ताज सजाया था, उसके मन में कुछ और ही था। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान को नई दिल्ली आना था, पर नेहरू जी की मृत्यु के चलते उन्होंने दिल्ली आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि शास्त्री जी का कद इतना नहीं कि वह जाकर मिले..!!

तब सौम्य शास्त्री जी आगे अपनी काहिरा की शासकीय यात्रा से वापस लौटते हुए अचानक से कराँची में उतर गए और अयूब खान को दंग कर दिया..अयूब खान खुद एअरपोर्ट आये शास्त्री जी को छोड़ने। अयूब खान समझ गए थे कि ये छोटे कद का आदमी बात नहीं मानता..!!

इधर 1965 की गर्मियों में तत्कालीन पाकिस्तानी विदेश मंत्री ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो को लगा कि कश्मीर को जीतने का इससे अच्छा मौका फिर न मिलेगा। भुट्टो ने पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष मोहम्मद मूसा को टॉप सीक्रेट सन्देश भेजा कि कश्मीर को हासिल करने का यह बहुत बढ़िया वक़्त है। अगर उपयुक्त समय और स्थान पर हमला किया जाये तो सामान्य धारणा के अंतर्गत, दो तगड़े झटके इन हिंदुओं का मनोबल तोड़ने को पर्याप्त होंगे..!!

पाकिस्तान ने ऑपरेशन जिब्राल्टर के तहत लगभग 33 हजार सैनिकों की फ़ौज़ को कश्मीरी कपड़े पहना कर अगस्त 1965 के पहले हफ्ते में कश्मीर में घुसपैठ करा दिया..पाकिस्तानी हुक्मरान को यह फुलटूस भ्रम था कि कश्मीरी उन्हें हाथों-हाथ लेंगे..!!

पर यह क्या.. उल्टे 15 अगस्त 1965 को कश्मीरियों के माध्यम से ही भारतीय सेना को इस घुसपैठ की जानकारी मिली। तब तक पाकिस्तानी फ़ौज़ उरी, पूँछ आदि सेक्टर में घुस चुकी थी..!! भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू की..और ग़ुलाम कश्मीर के हाजी पीर दर्रे पर कब्ज़ा कर लिया..!!

एक ऐसी जगह जहाँ अजीबो-गरीब प्रथा के चलते ‘निर्वस्त्र विवाह’ करते है लोग…

भारत में शादी 2 आत्माओं का मिलन ही नहीं होती बल्कि 2 परिवारों का भी मेल होता है 

शादी हर किसी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पल होता हैl शादी वंशवृद्धि के साथ-साथ सामाजिक निर्वहन के लिए भी बहुत जरुरी होती हैl दुनियाभर में शादी को एक संस्कार के रूप में माना जाता हैl आप तो जानते ही हैं कि शादी स्त्री और पुरुष के बीच होती हैl

शादी हर व्यक्ति के जीवन में नए मोड़ लाती हैl शादी-विवाह हर इंसान की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हर देश में या अलग-अलग क्षेत्रों में विवाह की रीतियां अलग होती हैंl बंगाल में अलग, चीन में अलग, जापान में अलगl

हमारे देश में शादी में लाल जोड़े को काफी अहमियत दी जाती हैl और शादी से पहले ही कपड़ों की खरीदारी शुरू हो जाती हैl लेकिन क्या अपने कभी शादी की किसी ऐसी प्रथा के बारे में सुना है जिसमे नव-जोड़े निर्वस्त्र शादी करते होl जी हाँ आज हम आपको शादी की एक एेसी ही अजीबो-गरीब रीति के बारे में बतायेंगे जिसे सुन आप भी दंग रह जायेंगेl

आगे पढ़ें यहाँ निर्वस्त्र विवाह है लोकप्रिय जिसमे दूल्हा-दुल्हन करते है…