ये 4 लड़के स्मृति ईरानी का पीछा कर रहे थे, फिर पुलिस ने उन्हें पकड़कर जो किया..

जहाँ एक तरफ सत्ता में आते ही योगी आदित्यनाथ ने बेटियों की सुरक्षा के लिए नए और सख्त नियम और कानून बना कर प्रदेश के मनचलों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है वहीं दिल्ली में केजरीवाल सरकार के अंदर लड़कियों से छेड़छाड़ की बात आज भी आम है|

अब तो बात यहाँ तक पहुँच गयी है कि आम तो आम आजकल ख़ास लोग भी इन मनचलों से सुरक्षित नहीं है| दरअसल हम यहाँ आपको बता दें कि शनिवार रात केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी जब एयरपोर्ट से लौट रहीं थीं तब मोतीबाग फ्लाईओवर पर एक अन्य कार सवार चार युवकों ने उनकी कार का पीछा कर ओवरटेक किया और उनसे बदतमीजी की। स्मृति ईरानी..

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वीडियो: सीएम योगी की राह पर चल पड़े हैं नीतीश कुमार, यूपी के बाद अब बिहार में भी…

उत्तरप्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर योगी सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद प्रदेश के अवैध बूचड़खाना के मालिकों में जहाँ एक तरफ हड़कंप मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य बिहार में भी अवैध बूचड़खानों पर राज्य सरकार की तरफ से कार्रवाई शुरू कर दी गयी है| जी हाँ मिली ख़बरों के अनुसार शुक्रवार को रोहतास जिले के सात अवैध बूचड़खानों को सील कर दिया गया है|

दरअसल यूपी में योगी सरकार के आते ही जहाँ अवैध बूचड़खानों पर ताला लटका दिया गया था वहीँ सीएम योगी के इस प्रशंसनीय काम के समर्थन में अब बिहार में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की जा रही है और अबतक रोहतास जिले के सात अवैध बूचड़खानों को सील भी कर दिया गया है। पटना हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि रोहतास में सभी अवैध बूचड़खानों को 6 हफ्तों के भीतर बंद कर दिया जाए। 31 मार्च तक लाइसेंस रिन्यू नहीं होने के कारण रोहतास के बिक्रमगंज में जिला प्रशासन ने 7 बूचड़खाने सील कर दिए हैं।

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अयोध्या प्रकरण पर बोले मुलायम सिंह यादव, “वहां मंदिर बने या मस्ज़िद…”

उप्र के विधानसभा चुनाव में सपा की करारी हार के बाद मुलायम सिंह यादव के दिल की बात शनिवार को जुबां पर आ ही गई। दरअसल शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि, “अब जितना अपमान हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ। ये अपमान भी अपनों ने ही दिया। जो अपने बाप का नहीं हुआ, वो किसी का नहीं हो सकता| मोदी को ये कहने का मौका अपनों ने ही दिया और इसीलिए सपा बुरी तरह से चुनाव हार गई।”

इस मौके पर मुलायम सिंह यादव के शब्दों में राजनीतिक हार की निराशा साफ़ झलक रही थी| मौका था मुलायम सिंह यादव की अपनी कर्मभूमि मैनपुरी में पैक्सफेड के अध्यक्ष तोताराम के होटल के उद्घाटन समारोह का, जहाँ उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए ये बात रखी|

इस सभा में मुलायम सिंह यादव ने पहली बार यूपी चुनाव में करारी हार के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी थीl उन्होंने मैनपुरी में अपने इस भाषण के दौरान अयोध्या प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि, “मंदिर बने या मस्जिद, पहली ईंट मैं रखूंगा और ये बात पहले भी कह चुका हूं।” उन्होंने आगे सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहमति के सुझाव पर कहा कि, “हमने भी सरकार में रहते हुए कड़े फैसले लिए थे। तब 16 जानें गईं थीं और 84 लोग घायल हुए थे। हमने सहमति बनाने का चार बार प्रयास कि या था मगर बात नहीं बनी। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना होगा। कोर्ट का फैसला ही सर्वमान्य होगा|”

शर्मनाक: कृष्णा भगवान का ऐसा अपमान जिसे सुनकर हर हिन्दू का खून खौल जायेगा

मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए एंटी-रोमियो स्क्वॉड की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी है| भूषण ने योगी की सीएम योगी की आलोचना करते हुए अपनी गन्दी राजनीति में भगवान कृष्ण को भी खींच लिया है। भूषण ने शेक्सपियर के एक नाटक के पात्र रोमियो और भगवान श्रीकृष्ण की आपस में तुलना कर दी। भूषण ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, “रोमियो ने केवल एक लड़की से प्यार किया था जबकि भगवान कृष्ण तो लड़कियों को छेड़ने के लिए मशहूर थे।” भूषण ने आगे लिखा कि, “क्या आदित्यनाथ के अंदर हिम्मत है कि वो एंटी रोमियो स्क्वाड को एंटी कृष्ण स्क्वाड कहेंगे?”

भूषण के इस ट्वीट के बाद भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने उनके सवाल का जवाब भी एक ट्वीट के जरिए ही दे डाला। संबित ने भूषण के अंग्रेजी ट्वीट का जवाब हिंदी में देते हुए लिखा कि, “भगवान कृष्ण को समझने के लिए प्रशांत भूषण को कई जन्म लेने होंगे।” उन्होंने भूषण के ट्वीट की निंदा करते हुए आगे लिखा कि, “वह कितनी आसानी से कृष्ण जी को राजनीति में घसीट लाए हैं। भूषण का ऐसा करना बहुत ही दुख की बात है।”

बता दें कि योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन करते हुए लड़कियों को छेड़ने वाले मनचलों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मालूम हो कि भूषण से पहले भी कई लोग इस स्क्वॉड का नाम ऐंटी-रोमियो रखने पर आपत्ति जता चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि रोमियो शेक्सपियर के एक मशहूर नाटक का पात्र है और रोमियो-जूलियट की प्रेम कहानी अपने आपसी प्यार और समर्पण के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है।

पीडीपी के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए और इससे अलगाववाद को और बल मिलेगा !

श्रीनगर के स्थानीय निवासीयों ने यह भी कहा की भाजपा का श्रीनगर से अपना प्रत्याशी खड़ा न करना बहुत दुखद है और पीडीपी के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए और इससे अलगाववाद को और बल मिलेगा !

श्रीनगर : हिंदु महासभा के प्रदेश संयोजक श्री चेतन शर्मा जी ने श्रीनगर लोकसभा सीट से नामांकन करने के बाद श्रीनगर में लार क्षेत्र में प्रचार किया और लोगों से मिले ! श्रीनगर के स्थानीय निवासी लोग हिंदू महासभा के नेता से स्वतः आकर मिले और क्षेत्र में आकर मिलने को बोला और उनकी समस्या सुनी और सभी का यही मत था की हिंदू महासभा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की बात करके उसे भारत में मिलाने की बात करती है तो उन्हें हिंदू महासभा को वोट देने में भी आपत्ति नही है । वहां के अधिकतर लोगों ने कहा की कश्मीर में कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेस, पीडीपी जैसी पार्टियाँ ही अलगाववादियों से सांठ-गाँठ करके अपने प्रत्यासी जितवाकर लोकसभा और विधानसभा में भेजते हैं ! वहां के लोगों ने यह भी बताया की हमारे बच्चों के हाथों में पत्थर यही अलगाववादी देते हैं और इन अलगाववादियों के बच्चे डाक्टर या इंजिनियर बनते हैं, एक स्थानीय लड़के ने कहा की ये अलगाववादी क्यों नही अपने बच्चों को पत्थर मारने के लिए लगाते हैं !

श्रीनगर के स्थानीय निवासीयों ने यह भी कहा की भाजपा का श्रीनगर से अपना प्रत्याशी खड़ा न करना बहुत दुखद है और पीडीपी के सामने भाजपा ने घुटने टेक दिए और इससे अलगाववाद को और बल मिलेगा ! जब हिंदु महासभा के नेता श्री चेतन शर्मा ने कहा की हिंदु महासभा धारा 370 और धारा 35A के विरुद्ध है और जब ये नही होंगे तो उस दिन से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का दौर समाप्त होगा और उद्योग लगना प्रारम्भ हो जायेंगे तो वहां के लोगों ने कहा की इसी के कारण जम्मू-कश्मीर का निवासी अलग-थलग पड़ा हुआ है !

कश्मीर के लोगों को जब चेतन शर्मा जी ने सावरकर के सिद्धांत और हिंदू महासभा की विचारधारा से अवगत कराया तो लोगों ने कहा की हमें हिंदू महासभा से आपत्ति नही है और श्रीनगर में हिंदू महासभा का कार्यालय भी जल्द खोलने का प्रस्ताव दे दिया और वहां हिंदुराष्ट्र ध्वज को फहराने से भी उन्हें आपत्ति नही है । चेतन शर्मा ने बताया की हिंदू महासभा का हिंदु-राष्ट्र सिद्धांत सांस्कृतिक, पारंपरिक एवं वैचारिक है और तो और हिंदू महासभा को नास्तिक से भी आपत्ति नही है यदि वो कहे की भारत मेरी पुण्य एवं पितृ भूमि है !

सामूहिक बलात्कार पीड़िता को ज़बरदस्ती हैवानो ने पिला दिया तेज़ाब, योगी ने खुद की मुलाक़ात और…

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि बीते आठ साल से कानूनी जंग लड़ रही सामूहिक बलात्कार की पीड़िता 35 साल की एक महिला एक बार फिर से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है. वजह यह है कि गुरुवार को लखनऊ जा रही एक ट्रेन में दो पुरुषों ने उसे पकड़कर जबरदस्ती तेजाब पिलाया.

चलती ट्रेन में महिला को तेजाब पिलाया:

बताया जा रहा है कि अभी महिला की हालत गंभीर है, जो लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेड अस्पताल में भर्ती है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महिला से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचे. बताया जा रहा है कि वह आईसीयू में भर्ती है. मुख्यमंत्री ने महिला की हालत की जानकारी ली और एक लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की. साथ ही सीएम योगी ने पुलिस को जल्द से जल्द महिला के साथ दुर्व्यवहार करन वाले आक्रमणकारियों को गिरफ्तार करने का सख्त आदेश दिया.

इससे पहले इस महिला का हो चुका है गैंगरेप:

आपको बता दें कि पीड़ित महिला के साथ वर्ष 2008 में रायबरेली में सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसके बाद बलात्कारियों द्वारा उसके पेट पर तेज़ाब फेंक दिया गया था. उस मामले में उस वक़्त तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. मगर अब इस घटना के बाद और जल्द ही मामले की सुनवाई शुरू होने जा रही है.

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की मौत की खबर का सच आया सामने….

तेज बहादुर यादव पूरी तरह स्वस्थ हैं, मौत की खबरें पाकिस्तानियों का एजेंडा : बीएसएफ

नई दिल्ली (यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम): कुछ महीने पहले भारतीय सीमा पर तैनात बीएसएफ के एक जवान ने खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और facebook पर एक वीडियो शेयर करके कहा कि बीएसएफ में जवानों को अच्छा खाना नहीं दिया जाता है ! बीएसएफ ने तत्काल उसपर जांच बिठाई और आरोपों को नकार दिया। लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर यह बताया जा रहा है कि भारत में यह शिकायत करने वाले जवान की मौत हो चुकी है। वहीं, बीएसएफ ने सोशल मीडिया पर जवान तेज बहादुर यादव की मौत की तस्वीरों को पूरे तौर पर सिरे से खारिज कर दिया है। बीएसएफ ने कहा है कि तेज बहादुर यादव पूरी तरह स्वस्थ हैं। दरअसल सोशल मीडिया पर घूम रही कुछ तस्वीरों में बीएसएफ में खान-पान की शिकायत करने वाले जवान तेज बहादुर की मौत की झूठी खबर प्रचारित की जा रही है। इन तस्वीरों में तेजबहादुर को चोटें लगी हुईं भी नज़र आ रही हैं।

pakistani tweet on tej bahadur

पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर बीएसएफ जवान तेज बहादुर को लेकर चल रहा ट्वीट…

बीएसएफ का कहना कि ज़ाहिर है यह तस्वीरें फ़र्ज़ी प्रोपेगेंडा का हिस्सा हैं। पड़ताल में यह पता चला है कि यह प्रोपेगेंडा सीमापार से संचालित हो रहा है। इन तस्वीरों को प्रमुखता से ट्वीट करने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स इसकी तस्दीक करते हैं कि वे पाकिस्तान के हैं।

यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम ने इसी वायरल खबर की जाँच पड़ताल की तो पता चला की तेजबहादुर यादव के मौत की जो तस्वीर चलाई जा रही है वो सुकमा में मारे गए 12 जवानों में से किसी एक जवान की है ।

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तेजबहादुर के मौत की जो तस्वीरें इस फेसबुक में दिखाई जा रही है वो किसी और जवान की है। तेजबहादुर यादव के मौत की जो तस्वीर चलाई जा रही है वो 11 मार्च को सुकमा में मारे गए 12 जवानों में से किसी एक जवान की है।

टीम ने इस बारे में तेजबहादुर यादव की पत्नी से भी बात की है। उन्होंने ने भी तेजबहादुर के मौत की खबर को झूठी खबर कहा और यह बताया कि तेजबहादुर पूरी तरह स्वस्थ हैं।

साथ ही बीएसएफ का भी कहना कि जाहिर है यह तस्वीरें फर्जी प्रोपेगेंडा का हिस्सा हैं। जांच में यह पता चला है कि यह प्रोपेगेंडा सीमापार से संचालित हो रहा है।

पाकिस्तान में बचे 1.8% हिंदूओ को 70 साल बाद मैरिज एक्ट का झुनझुना थमाया गया

ताकि उनको White Tiger की तरह संरक्षण कर, पाकिस्तान में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके!

ब्लॉग : ( संजय कुमार, यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम ) :- 1947 में गांधी के कुकर्मों से जन्मे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बचे 1.8% हिंदूओ को 70 साल बाद मैरिज एक्ट का झुनझुना थमाया गया ताकि उनको White Tiger की तरह संरक्षण कर, पाकिस्तान में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके और यह दुनिया को दिखाया जा सके कि ये बचे पाकिस्तानी हिंदू उस उन्नत आर्य संस्कृति और सभ्यता की देन है जिनके पुर्वज श्रीराम, लव-कुश, श्रीकृष्ण, अर्जुन, बुद्ध हुआ करते थे। जिस सभ्यता-संस्कृति​ से मोहनजोदड़ो​ जैसी उन्नत शहर – सभ्यता निकली थी। जिसके खुदाई से इसी हिंदूओ के धर्मिक प्रतीक “स्वास्तिक” और पशुपति की मुर्तियां मिली है।

उसी तरह एक बंग्लादेश है जहां आज से 70 साल पहले 30% हिंदू हुआ करते थे जो अब सिर्फ 8-9% बचे है। यहां भी ये विलुप्त होने वाले है। फिर जब 2% बच जायेंगे तो यहां भी White Tiger बचाओ की तरह अभियान चलाया जायेगा ताकि शांति दुतो के देश में इनको पिजड़े में बंद कर, पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

इसी आर्य संस्कृति का विश्व में एक बहुसंख्य राष्ट्र भारत भी अभी बचा है जहां की पिढ़ी अपने मुल से कटकर, अपनी सभ्यता, संस्कृति और स्वतंत्रा को बचाये रखने के लिए संघर्ष करती दिख रही है क्योंकि इस भारत को सेकुलर बनने का एक ऐसा भयंकर रोग लग चुका है जिससे इसके पुर्वी​ (बंगाल) और दक्षिण (केरल) क्षेत्र भयंकर पिड़ित हो, अपने मरणासन्न की अवस्था में अपने उधार के लिए किसी नायक की आश में है। वैसे इनको एक और रोग है। कभी के कर्मयोग के सिद्धांत को जाति मे बदल। वह हर बात में अपनी-२ जाति खोजते हैं जिससे इनकी एकता भंग होती है और कमजोर साबित होते है।

एक उन्नत सभ्यता और संस्कृति का ऐसा भी हष्र हो सकता है क्योंकि वह पश्चिम से आये विघटनकारी विचारों के बहकावे और अत्याचार से अपनी ज्ञान, विज्ञान, प्राकृति, शुरवीरता को भुल, हीन भावना की शिकार होती गयी है।

लेकिन आज 21वी सदी की युवा पिढ़ी जागरूक हो रही है वह क्षणिक स्वार्थों का त्याग कर, एकताबद्ध हो रही है जो एक सुखद संदेश है।

जागते रहो जगाते रहो!

गंगा-यमुना को जीवित मनुष्य के समान कानूनी अधिकार देने का फैसला

गंगा-यमुना को मनुष्य मानने का वैदिक आधार

यूनाइटेड हिन्दी स्पेशल रिपोर्ट : आज नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा नदी को देश की पहली जीवित इकाई के रूप में मान्यता दी है और गंगा-यमुना को जीवित मनुष्य के समान अधिकार देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद भारत की दोनों महत्वपूर्ण नदियों गंगा और यमुना को अब एक मानव की तरह संविधान की ओर से मुहैया कराए गए सभी अधिकार मिल सकेंगे। कुछ दिनों पहले ही न्यूजीलैंड ने भी अपनी वांगानुई नदी को एक जीवित संस्था के रूप में मान्यता दी थी।
यह बहुत ही सराहनीय कदम है कि दोनों पवित्र नदियों को कोर्ट ने जीवित मानकर मनुष्यों के सभी संवैधानिक अधिकार दे दिए हैं पर न्यूजीलैंड से पहले हम यदि ऐसा करते तो बात ही अलग होती। क्योंकि हम तो गंगा यमुना को माता कहकर मनुष्य और उससे भी ऊपर देवता की कोटि में रखते आए ही हैं, खैर अदालत ने यह फैसला देकर वैदिक संस्कृति का मान बढ़ाया है।

आजकल लोग हम पर जड़ वस्तुओं की पूजा और उन्हें चेतन मानने का आरोप लगाते हैं, इसके निराकरण के लिए वैदिक मान्यता की ओर हम चलते हैं ताकि हमारी इन समृद्ध मान्यताओं का स्त्रोत जान सकें। ध्यानपूर्वक पढ़िए।

वैदिक मान्यता में एक ‘मन’, दूसरा ‘प्राण’, और ‘पंचमहाभूत’ रूप सात तंतुओं से वह बुनकर (परमात्मा) इस सृष्टि रूपी पट को बुन रहा है। वेद ने उस महान कवि की सृष्टिरूप इस कविता को सप्ततंतुमय यज्ञ कहा है।

पंचभूत को वैदिक परिभाषा में ‘वाक्’ कहते हैं क्योंकि इनमें सूक्ष्मतम भूत ‘आकाश’ है, उसका गुण ‘शब्द’ या ‘वाक्’ है। यह सूक्ष्म भूत ‘आकाश’ ही सब अन्य भूतों में अनुस्यूत होता है इसलिए वाक् को ही पंचमहाभूत का सरल प्रतीक मान लिया गया।

शतपथ ब्राह्मण कहता है आत्मा के तीन घटक हैं— ‘अयमात्मा वांमयो मनोमयः प्राणमयः।’ अर्थात आत्मा मन, प्राण और वाक् से बनी है। सप्त तंतु रूप इस मन, प्राण और वाक् को ही त्रिक् कहते हैं। मन सत्व, प्राण रज और वाक् तम रूप है। सृष्टिरचना की वैदिक कल्पना इसी त्रिक पर आश्रित है। मन, प्राण और वाक् इस त्रिक के सम्मिलित सम्बन्ध से ही एक शक्ति या अग्नि उत्पन्न होती है, वही वैश्वानर अग्नि है। त्रिक के मिलन से उत्पन्न वैश्वानरः अग्नि से ही जीवन अभिव्यक्त हो पाता है। यह जब तक है तभी तक जीवन है।

इस त्रिक में से प्राण को हम एनर्जी(Energy) कह सकते हैं, पर Energy की अवधारणा जड़ भूतों से जुड़ी है जबकि वैदिक प्राण की अवधारणा जीवित शरीर से जुड़ी है। वैदिक दृष्टि के अनुसार चेतना ही भूत के रूप में परिणत होती है अर्थात मौलिक तत्व चेतना है और भूत उसका विकार है। इसलिए वैदिक दृष्टि में परमार्थतः सब कुछ चेतन ही है, जड़ कुछ है ही नहीं। चेतना जहाँ ज्यादा आवृत्त हो गई, कि हमारी दृष्टि में नहीं आती वही जड़ है। समस्त सृष्टि मन, प्राण और वाक्(पंचमहाभूत) के त्रिक से ही बनी है, यही मात्राभेद से सभी पदार्थों के घटक हैं। पर जैसे जैसे हमें छिपी हुई चेतना को पहचानने के साधन उपलब्ध हो जाते हैं, वैसे वैसे हम जिसे कल तक जड़ समझते थे उसे चेतन के रूप में जानने लगते हैं।

देखिए सर जगदीशचन्द्र बसु से पहले वनस्पतियों को आधुनिक विज्ञान में जड़ समझा जाता था पर जैसे ही बसु जी को समुचित उपकरण उपलब्ध हो गए, उन्होंने सिद्ध कर दिया कि वनस्पति में प्राण हैं। कम लोग जानते हैं कि जगदीश बोस वैदिक विद्याओं का भी ज्ञान रखते थे। महर्षि मनु की स्पष्ट घोषणा है कि वनस्पतियों में भी चेतना है और वे सुख दुख अनुभव करते हैं — ‘अन्तःसंज्ञा भवन्त्येते सुख दुखःसमन्विता।’

इसी तरह विज्ञान अब तक नदियों, पर्वतों आदि को जड़ माने हुए है पर वेद नदियों से कहता है कि, — ‘इमं मे गंगे यमुने सरस्वति’ ‘हे गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों! मेरी प्रार्थना सुनो’ (ऋग्वेद 10.75.5)। यह इसीलिए क्योंकि सभी पदार्थों में आत्मा है और आत्मा है तो प्राण भी है, मन भी है और वाक् भी है, मन है तो सोचने की क्षमता भी है, इसलिए उन्हें सम्बोधित करना कि वे प्रार्थना सुनें बिल्कुल ठीक है। इसके अतिरिक्त जीवन की अभिव्यक्ति वैश्वानर अग्नि से ही होती है, वेद स्पष्ट रूप से जल में वैश्वानर अग्नि की बात कहता है, — ‘वैश्वानरो यास्वगनिः प्रविष्टः’ (ऋग्- 7.49.5) अर्थात जल में वैश्वानर अग्नि विद्यमान है।

वेद में जड़ पदार्थों से चेतन व्यवहार के अनेक प्रमाण मिलते हैं। पर जड़ और चेतन के बीच मौलिक एकता को हृदयंगम कर लेने के बाद कोई कठिनाई नहीं रहती। प्रकृति और मनुष्य के बीच सनातन धर्मियों ने कभी भेद नहीं माना, क्योंकि दोनों ही सजीव हैं, अतः प्रकृति और जीवों को अलग अलग करके नहीं देखा जा सकता। इसलिए सनातन संस्कृति सदैव गौ, भूमि, नदी, तुलसी को माता मानती आई है, हम हिन्दू चन्द्रमा को मामा कहते आए हैं, पहाड़ों को हमने पूजा है, प्रकृति के हर अंग को हमने वस्तु नहीं माना पर अपना आत्मीय सम्बन्धी माना है। इससे यह सिद्ध हो गया कि हम जड़ प्रकृति को नहीं पूजते, हमारी मूर्तिपूजा की परम्परा भी चेतन तत्व की ही उपासना है। जैसे जैसे सनातन संस्कृति और वैदिक मणि मंजूषा की आभा हमारे सामने प्रकट होती है, हमारी बुद्धि चमत्कृत, और जीवन धन्य धन्य हो जाता है। इससे पहले श्राद्ध के पीछे का वैदिक विज्ञान पर एक पोस्ट किया था, वैदिक विज्ञान पर यह दूसरा पोस्ट है।

कांग्रेस का PK गायब! इस नेता ने रखा इनाम, ढूंढने पर मिलेंगे 5 लाख – जानें कौन हैं PK!

कांग्रेस नेता ने रखा इनाम, ढूंढने पर मिलेंगे 5 लाख

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लखनऊ ( यूनाइटेड हिन्दी ) : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अपने मैनेजमेंट से चलाने वाले प्रशांत किशोर (पीके) आजकल कार्यकर्ताओं के निशाने पर हैं। उन्हें ढूढने का इनाम 5 लाख रूपये रखा गया है।

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यह पोस्टर कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजेश सिंह की ओर से लगाया गया है। लखनऊ में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर इनाम रखा गया है। पोस्टर में पीके को ढूंढ कर लाने वाले के लिए 5 लाख रुपए की इनाम राशि देने का दावा किया गया है।

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विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पोस्टर में पीके को ‘स्वयंभू चाणक्य’ कहकर व्यंग्य किया गया है। पीके ने कांग्रेस नेताओं को चुनावी रणनीति से अलग रखते हुए सभी कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने का दावा किया था। कांग्रेसी इस बात से भी नाराज हैं कि चुनाव से पहले पीके पार्टी के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं तक को भाव नहीं दे रहे थे।

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पोस्टर जारी करने वाले राजेश सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को हराने के लिए पीके भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह से सुपारी लेकर आए थे और पेमेंट लेकर चले गए। हालांकि, पार्टी प्रवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी ने इस तरह के पोस्टर लगाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हार से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए।

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