केरल में हिन्दू आस्था का अंतिम सशक्त केन्द्र अब इस्लामी व इसाईओं के निशाने पर….

केरल में बचा रह गया हिन्दू आस्था का अंतिम सशक्त केन्द्र

ब्लॉग : (केशर देवी) सबरीमाला : केरल में बचा रह गया हिन्दू आस्था का अंतिम सशक्त केन्द्र क़ौमी-इस्लामी-इसाई दुरभिसन्धि के निशाने पर है। कुछ दिनों पहले एक मित्र केरल गये थे तो उनके एक स्टेटस पर मैंने पूछा था – वहाँ के 54% हिन्दू कहाँ हैं? उत्तर यह है कि apartheid अर्थात नस्लभेद के केरलीय संस्करण के शिकार हो दोयम श्रेणी के नागरिक बन चुके हैं।

हिन्दुओं की जनसंख्या में 20% पिछड़े समुदाय से आने वाले एझावा हैं जिनसे कसाई-इसाई युति के सत्ताधारी इसलिये नाराज हैं कि ‘पिछड़े’ मोदी के उदय के साथ ही यह वर्ग राजनीतिक निष्ठा बदलने लगा। अस्तु।

वहाँ सबरीमाला एकमात्र स्थान है जो वर्ष में एक करोड़ श्रद्धालु आकृष्ट करता है। तमाम तीर्थों की तरह यह तीर्थ भी हिन्दू एकता को पुख्ता करने वाला केन्द्र है और इसलिये अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयाग की तरह इलहामियों की आँखों में खटकता रहा है। आधुनिक समय में धावा बोल मन्दिर तोड़ा तो नहीं जा सकता (तभी तक जब तक भारत में वे 1:2 अनुपाती अर्थात 33% नहीं हो जाते!) इसलिये क़ौमी विधि अर्थात कथित कुरीति गढ़ कर आक्रमण की नीति अपनायी गयी है।

सबरीमाला तमाम प्राचीन हिन्दू स्थानों की तरह ही नाक्षत्रिक प्रेक्षण का भी केन्द्र था। कारण – इसकी स्थिति, अक्षांश और ऊँचाई। हिन्दू धर्म में नाक्षत्रिक घटनाओं को धार्मिक रूपक के साथ सुरक्षित कर दिया जाता है, यहाँ भी वही हुआ। शीत अयनांत अर्थात 22 दिसम्बर के आसपास प्राची में उष:काल के समय अभिजित (Vega) नक्षत्र का उदय प्रारम्भ होता जिसका कि उस ऊँचाई से प्रेक्षण आसान होता।

मकर संक्रांति तक आते आते एक घटना और होती, हमारे रुद्र देवता अर्थात लुब्धक नक्षत्र (Sirius) ब्रह्म मुहुर्त में पश्चिम में अस्त होते और विष्णु स्वरूप अभिजित नक्षत्र पूरब में उसी समय उदित होते। इन दो का दर्शन ‘मकर ज्योति’ का दर्शन कहा जाता और इस तरह सबरीमाला वैष्णव और शैव दोनों का समन्वय स्थान हो हिन्दू आस्था के विराट केन्द्र के रूप में उभरा।

केरल बहुत पहले से गणित ज्योतिष का केन्द्र रहा है, यहाँ तक कि कुछ विद्वान आर्यभट को भी केरल से जोड़ते हैं क्योंकि प्रमाण हैं। जैसा कि शेष भारत में हुआ, सैद्धांतिक ज्योतिष के प्रभाव में हमलोग आकाश निहारना भूलते गये और सबरीमाला में भी मकरज्योति मनुष्यों द्वारा दूर ऊँचे स्थान पर जला कर दिखाई जाने लगी। 2011 में इस पर विवाद भी हुआ था।

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वाह रे इस्लामी क़ानून : अब्बा ने रेप करके बेटी को बनाया गर्भवती मौलवियों ने बना दिया मियाँ-बीबी…

वाह रे इस्लामी क़ानून

एक बार फिर से कट्टरपंथियों का घटिया रूप सबके सामने आ गया है जिसने इंसानियत और रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। बता दें कि -बेटी के बेहद पवित्र रिश्‍ते को तार-तार करने की यह घटना UP के मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट की है । यहां पहले तो कलयुगी मुस्लिम पिता ने अपनी मासूम सी नाबालिग बेटी से लगातार काफ़ी महीनों तक रेप किया ।  पर जब आसपास के लोगों को पता चला और मामला पंचायत पहुंचा तो शरिया के फतवेधारी मस्जिदों के मौलवियों ने पिता को ही लडक़ी का पति बना दिया ।

दैनिक भास्कर में छपी जानकारी के अनुसार, यहां रहने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति की पत्नी की लगभग तीन साल पहले मौत हो गई थी । पत्‍नी की मौत के बाद उसके दो छोटे बच्चे तो खुशहाल नगर स्थित अपने नाना के घर रहने लगे थे, जबकि बड़ी लडक़ी पिता के साथ ही रहती थी और उसकी जवानी पर लट्टू होकर पिता ने उसके साथ शारीरिक सम्बंध बनाने शुरू कर दिए।  मुहल्ले वालों के मुताबिक कुछ समय से इस लडक़ी ने अचानक घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था क्यूँकि पिता ने उसको बंद करके रखा था और बाहर निकलने से मना किया था। एक दिन पिता के किसी काम से बाहर जाने पर जब वह घर से बाहर निकली तो लोगों ने देखा की वह गर्भवती है ।

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किसान को महीने में डेढ़ लाख की कमाई, खेती में अगर फायदा ना हो रहा हो तो अपना…..

खेती में अगर फायदा ना हो रहा हो तो अपना तरीका बदलो।

राजस्थान : किसान को अगर खेती में फायदा नहीं हो रहा हो तो आप अपना व्यवसाय नहीं बल्कि अपना तरीका बदल लो। फिर देखो किसान परिवार की किस्मत बदलते देर नहीं लगती। इस बात का ताजा उदाहरण है राजस्थान के सीकर जिले के खाचरियावास का किसान भगवान सहाय धायल।

कुएं में पाताल की राह पकड़ चुका भूजल स्तर धायल के सामने बड़ी समस्या था। 

किसान भगवान सहाय धायल को खेती से जीवन यापन करना मुश्किल हो पा रहा था, क्योंकि फसलों के लिए पानी की कमी पडऩे लगी थी। ऐसे में किसान भगवान सहाय धायल ने थाइलैण्ड से इजरायली बोर की पौध मंगवाकर खेत में झाडिय़ां लगा दी। नतीजा यह रहा कि कम समय और कम पानी में ही बम्पर पैदावार व कमाई होने लगी।

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मानवता हुई शर्मसार : "मुस्लिम मीडिया चैनल" ने हिंदू कर्मचारी के साथ उल्टा लटका कर की बर्बरता…

नई दिल्ली (यूनाइटेड हिन्दी) : ऊपर जो तस्वीरें आप देख रहे हैं वो बंगाल यातना झेल रहे किसी हिंदू की नहीं बल्कि देश की राजधानी दिल्ली के रहने वाले हिंदू लड़के की हैं जिसके साथ किसी मदरसा छाप मौलवी ने नहीं बल्कि पढ़े लिखे मुस्लिम परिवार और एक न्यूज़ चैनल “Channel One News” के मालिक व उसके बेटों ने मानवता की सारी हदें पार कर दी।

क़रीब 2 महीनों से सैलरी रोकने के बाद अचानक आयुष तिवारी को अपने सभी दस्तावेज़ लेकर “Channel One News” के नए कर्मचारी को सोपने को कहा गया। विरोध के रूप में आयुष ने दस्तवेस देने से मना कर दिया और कहा की पहले मेरी सैलरी का हिसाब पूरा करो और 6 महीनों से रुके ऑफ़र लेटर दो उसके बाद मैं आपके दस्तावेज़ आपके सुपुर्द कर दूँगा। इस मुद्दे को लेकर कई घंटों तक बहस चली जिसमें आयुष को झूठे आरोपों में फ़साने की भी धमकी दी गई। इसमें कम्पनी मालिक के बेटे के ख़ास और कम्पनी के ऐड्मिन में शामिल अभिषेक नामक व्यक्ति ने एक फ़ोन के बाद इस सब की शुरुआत कल 9/01 को तक़रीबन दिन के 3 बजे की। आयुष ने बाहर जाना चाहा तो गार्ड ने उसे रोक दिया और कहा आपको बाहर नहीं जाने दिया जाएगा मालिक ने माना किया है।

जहां एक और हिंदू/मुस्लिम भाई-भाई की सोच रखने वाले आयुष ने कहा कम्पनी के मालिक के बेटे काशिफ़ अहमद को बुलाओ वो अछे व्यक्ति हैं और मैं उनसे बात करना चाहता हूँ। काशिफ़ अपने पिता ज़हीर अहमद के साथ और बड़े भाई आरिफ़ के साथ वहाँ आए। आयुष ने बड़ी उमीद से काशिफ़ से मामला पूछा तभी उसके पिता ज़हीर ने आयुष से नाम पूछा! नाम बताने पर उसे आयुष की जगह आयुब सुनाई दिया जिसपर वो बोला की सब ख़त्म करो तभी काशिफ़ ने बात काटते हुए कहा की ये हरामजादा है काफिर हिंदू है और आयुष नाम है इसका।!

इसपर ज़हीर ने आयुष के थप्पड़ माँरते हुए कहा की झूठ बोलता है हरामज़ादे। लेके चलो ऊपर इसे उल्टा लटकाओ। इसके बाद वे आयुष को तीसरे माले पर लेकर गए। आयुष के मुताबिक़ बिल्डिंग में लगे cctv में धक्का-मुक्की और ज़बरन ऊपर ले जाते हुए तस्वीरें क़ैद हुई हैं।

तीसरे माले पर ले जाकर जेहादी मानसिकता के मीडिया मालिकों के चंगुल में फँस चुके आयुष को कपड़े उतारने को कहा गया और ज़बरन उसे पूरी तरह निर्वस्तत्र (नंगा) कर दिया गया। काशिफ़, उसके पिता और भाई यहीं नहीं रुके व उन्होंने आयुष के हाथ पैर बाँधकर डंडा फँसा कर उसे उलटा लटका दिया व नीचे पानी से भरे टब में सर डाल दिया।

इस पूरी बर्बरता से पहले आयुष ने समझदारी दिखाई और अपने एक मित्र को फ़ोन करके मामला उसके बड़े भाई तक पहुँचाने और पुलीस तक पहुँचाने को कहा। आयुष के भाई का फ़ोन समय पर ना मिलने पर उसके मित्र ने 100 नम्बर पर फ़ोन कर दिया जिसके बाद आयुष के पास पुलीस अधिकारी का फ़ोन आया और उन्होंने आयुष से 5 मिनट का समय माँगा साथ ही कहा कि पुलिस के वाहन पहुँचने पर आपको सुरक्षित निकाला जाएगा। परंतु इसे भाँपते हुए ज़हीर ने आयुष का फ़ोन छीन लिया और पुलिस से आयुष का सम्पर्क नहीं हो सका। और नोएडा (उत्तर प्रदेश) पुलिस के सिपाही वापस चले गए।

काफ़ी देर बाद जब आयुष के बड़े भाई और पिता को मामले की जानकारी आयुष के मित्र से मिली तब उन्होंने आयुष के मित्र से काशिफ़ का फ़ोन नम्बर लिए। काशिफ़ ने उन्हें अभिषेक काफोन नंबर दिया। अभिषेक को फ़ोन करने पर उसने तक़रीबन 3 घंटे आयुष के घरवालों को गुमराह किया की सब ठीक है और आयुष ने चोरी की थी पर सब ठीक है। इस पर आयुष के भाई ने जब पुलिस को फ़ोन करने को कहा तो वो बोला की नहीं हमने नहीं किया हमें ज़रूरत नहीं लगी हमने आयुष से लिखवा लिया है और इसने लिखित में माना है और दस्तावेज़ भी दे दिए हैं। बस आप 50000 रुपये लेकर आ जाना या पैसों से बचना है तो आयुष को समझा दिया है की कल से काम पर आए और जो हुआ उसपर चुप रहे। 

आयुष के घरवालों को शक हुआ तो उन्होंने लगातार आयुष से सम्पर्क करने की कोशिश की। काफी समय बाद जब आयुष वहाँ से बाहर आया तब उसने अपने साथ हुई बर्बरता बयान की। इस सब घटना में रात के 1 बज चुके थे।

ज़हीर ने आयुष को धमकी देते हुए कहा की मामले पर चुप रहना क्यूँकि तुम जानते हो न हमारी यानि “Channel One News” की पहुँच सरकार तक है। उल्टा कल तुम ही जेल में जाओगे। 

 

J&K में तैनात BSF जवान का वीडियो वायरल: कहा- हम भूखे रहते हैं, बड़े अफसर सामान बाजार में बेच देते हैं

बीएसएफ जवान ने वीडियो जारी कर आला अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में तैनात बीएसएफ के एक जवान का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में ये जवान सीमा पर मुश्किल हालात में ड्यूटी करने का अनुभव बता रहा है। जवान खास तौर पर बड़े अफसरों से नाराज दिखता है। वो कहता है कि जवानों को ठीक से खाना भी नहीं मिलता। कई बार तो जवानों को भूखा भी सोना पड़ता है। हालांकि, वीडियो में जवान ने अपना नाम नहीं बताता। ना ही ये बताता कि उसकी तैनाती किस पोस्ट या सेक्टर में है।

पढ़िए वीडियो में जवान द्वारा कही गई बातों की पूरी स्क्रिप्ट..
– “सभी देशवासियों को नमस्कार, गुडमॉर्निंग, सलाम और जय हिंद। देशवासियों, मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। मैं बीएसएफ 29 बटालियन सीमा सुरक्षा बल का का जवान हूं। जो कि हम लोग सुबह 6 बजे से शाम को पांच बजे तक कंटीन्यू इस बर्फ के अंदर 11 घंटे तक खड़े होकर ड्यूटी करते हैं।”
– “कितनी भी बर्फ हो, बारिश हो या तूफान हो। हम इन्हीं हालातों में ड्यूटी करते हैं। मेरे पीछे का दृश्य शायद आप लोग देख रहे होंगे। फोटो में शायद आपको ये दृश्य अच्छे लग रहे होंगे। लेकिन, हमारी जो सिचुएशन है, उसे ना कोई मीडिया दिखाता है, ना कोई मिनिस्टर सुनता है।”
– “कोई भी सरकार आई हो, हमारे हालात वही बदतर हैं। मैं इसके बाद आपको तीन वीडियो भेजूंगा। जो आप देश के तमाम मीडिया और नेताओं को दिखाएं।”

आगे पढ़िये व देखिये : अफसरों पर गंभीर आरोप

इंडोनेशिया में मां-बाप के पैर छूने की परंपरा, एक भी वृद्धाश्रम नहीं?

हिंदुस्तान में माता-पिता, घर के बड़ों-बुजुर्गों, शिक्षकों व अन्य के प्रति मान-सम्मान का भाव दिखाने के लिए चरण वंदना की परंपरा है। ऐसे भी कई उदाहरण देखते हैं जब बच्चों ने अपने माता-पिता के पैर धोकर उनका सम्मान किया। लेकिन शायद हिंदुस्तान के कुछ लोगों को लगता है कि हमारी यह परंपरा अब कमज़ोर पड़ रही है। तभी तो इंडोनीशिया की इस तस्वीर से प्रेरणा ले रहे हैं।

 

पहले हमने गुरुमुखी यानि पंजाबी भाषा से भी कुछ पोस्ट खोजे। दो मिसाले देखें,

ऐसे और भी पोस्ट आपको मिल जाएंगे जिनमें लिखा गया है, ‘इंडनीशिया में हर स्कूल में एक स्पेशल दिन होता है। उस दिन सारे बच्चों की माओं को स्कूल बुलाया जाता है और उनके बच्चों के द्वारा उनके पैर साफ़ करवाए जाते हैं ताकि ये बच्चे अपने माँ-बाप की सेवा करना ना भूलें। इसका नतीजा यह हुआ है कि इंडनीशिया में एक भी वृद्धाश्रम नहीं है।’

आइए अब अगले पृष्ठ पर आपके सामने ‘पूरी तस्वीर’ रखते हैं।

वोडाफोन 16 रुपए में देगी अनलिमिटेड 4जी इन्टरनेट डाटा, कंपनी का नया एलान….

नई दिल्ली : टेलिकॉम ऑपरेटर वोडाफोन ने जियो की टक्कर में अपने ‘सुपरआवर’ ऑफर का एलान किया। इसके तहत उपभोक्ताओं को 16 रुपए के शुरुआती मूल्य पर एक घंटे तक अनलिमिटेड 3जी या 4जी डाटा मिलेगा। इसके अलावा वोडाफोन के नेटवर्क में ही 7 रुपए में अनलिमिटेड वॉयस कॉल की पेशकश भी की गई है। इसकी वैलिडिटी एक घंटे की होगी। इसके अलावा 2जी कस्टमर्स के लिए भी ऑफर्स की पेशकश की गई है।

एक घंटे में जितनी मर्जी उतनी डेटा करें यूज
वोडाफोन इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर संदीप कटारिया ने एक बयान में कहा कि सुपरआवर के तहत आप एक घंटे तक कितना भी डाटा इस्तेमाल या डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा कस्टमर वोडाफोन से वोडाफोन पर एक घंटे तक असीमित कॉल के लिए 7 रुपए का पैक ले सकते हैं।

अगली स्लाइड में पढ़िए-क्या है स्कीम

क्या है पंचाग, जानें किस अंग्रेजी माह के साथ होता है कौन सा हिंदू महीना

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हिंदू पंचांग हिंदू धर्म के लोगों द्वारा माना जाने वाला कैलेंडर है। पंचांग का अर्थ है, पांच अंग। ये पांच अंग हैं, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इसकी गणना के आधार पर हिंदू पंचांग की तीन धराए हैं- पहली चंद्र आधारित, दूसरी नक्षत्र आधारित और तीसरी सूर्य आधारित कैलेंडर पद्धति।

 

अलग-अलग रूप में यह पूरे भारत में माना जाता है। एक साल में 12 महीने होते हैं। हर महीने में 15 दिन के दो पक्ष होते हैं- शुक्ल और कृष्ण। 12 मास का एक वर्ष और 7 दिन का एक सप्ताह रखने का प्रचलन विक्रम संवत से शुरू हुआ।

आगे पढ़ें- हिंदू महीनों से जुड़ी कुछ और रोचक बातें…

जेल में बंद विदेशी कैदी ने पत्नी के लिए बनाया “ताज महल”, इस्तेमाल की इतनी माचिस की तीलियां

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर। (Source: Twitter/@MiltonKeynesKid)
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर। (Source: Twitter/@MiltonKeynesKid)

फ्रांस मूल का एल्बर्ट ड्रग्स केस में 2014 से जेल में अपनी सजा काट रहा है। वहीं नए साल के मौके पर उसने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए लकड़ी का एक ताज महल बनाया है जिसे वह अपनी पत्नी को गिफ्ट करना चाहता है।

उत्तर प्रदेश में फ्रांस मूल का एल्बर्ट पासकल ड्रग केस में अपनी सजा काट रहा है। वह 2014 से ही जेल में है। इसी दौरान नए साल के मौके पर एल्बर्ट ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है जो काफी वायरल हो रही है। एल्बर्ट ने लकड़ी का ताज महल बनाया है जिसे जिला पुलिस ने भी शोकेस में सजा रखा है। ताज महल माचिल की तीलियों से बनाया गया है। एक खबर के मुताबिक इसे बनाने में लगभग 30 हजार माचिस की तीलियों और दो किलो फेवीकॉल का इस्तेमाल किया गया था। एल्बर्ट ने यह ताज महल 3 महीने में बनायाा है।

एल्बर्ट ने यह ताज महल अपनी पत्नी को नए साल के मौके पर तोहफा देने के लिए बनाया है। वह इसे अपनी पत्नी को देना चाहता है। वहीं खबर के मुताबिक जेल प्रशासन उसकी इच्छा पूरी करने की कोशिश कर रहा है। एल्बर्ट का एक दोस्त उससे मिलने के लिए भारत आया था और अब पुलिस उसके हाथों ही ताज महल एल्बर्ट की पत्नी को भेजेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की इस खबर के मुताबिक एल्बर्ट 2014 में भारत-नेपाल बॉर्डर से 3 किलोग्राम चरस के साथ पकड़ा गया था।

पकड़े जाने के बाद 2 दिसंबर 2014 से एनडीपीएस ऐक्ट के तहत गोरखपुर में सजा काट रहा है। एल्बर्ट एचआईवी की बीमारी से भी जूझ रहा है जिसकी दूसरी स्टेज में वह पहुंच चुका है। खबर के मुताबिक जेल प्रशासन ने भी उसके लकड़ी के ताज महल बनाने की इच्छा को पूरा कराने में मदद की। एल्वर्ट को वे सारा सामान दिया गया जिसकी उसे ताज महल बनाने में जरूरत थी।

जानिए New Year या जीसस खतना दिवस, क्या आपने आज अपना खतना (लूल्ली काटन) कराया है?

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भारतीय समाज उत्सवधर्मी समाज है।

यूनाइटेड हिन्दी संपादक : जैसे की आप सब लोगो को विदित है कि नया साल अर्थात ईसाई नववर्ष आने वाला है और ईसाई इसे बड़ी धूमधाम से अपने अपने देशों में मनाते हैं। लेकिन भारत देश में ईसाइयों की आबादी लगभग २.५% है, फिर भी यहाँ इस देश में इस नववर्ष को ईसाई तो मनाते हैं लेकिन अधिकतर हिन्दू भी इस नववर्ष को बड़ी ही धूम धाम से मनाते हैं। भले ये वो हिन्दू हैं जिन्हें दीपावली, होली आदि में आतिशबाजी और रंग बिरंगे गुलालों से परहेज हो, मगर ईसाइयों के नववर्ष में ऐसे जोश में होते हैं कि आतिशबाजी भी करते हैं और मद्य आदि पेय तथा मांसाहार से परहेज नहीं करते। इन लोगों को क्या कहें ज्यादातर समस्या तथाकथित स्वघोषित धार्मिक गुरुओं ने ही प्रारम्भ की है। सांता के सफ़ेद दाढ़ी मूछ में कृष्ण को रंगना और धर्म की शिक्षा न देकर ईसाइयों के नये साल के बारे में न समझाकर मौन रहना, इन्हीं कारणों से हिन्दू समाज ईसाई और मुस्लिम त्योहारों में झूलता रहता है और अपने धार्मिक, ऐतिहासिक तथा वैज्ञानिक त्योहारों के प्रति उदासीन रवैया धारण करता है।

खैर आज हम चर्चा कर रहे हैं कि ये नया साल जो प्रत्येक १ जनवरी को मनाया जाता है वह क्या है?

आइये देखे : नया साल अर्थात् प्रत्येक १ जनवरी को ख़ुशी और जोश से मनाया जाने वाल दिन नया साल है क्योंकि क्रिसमस के दिन ईसा साहब पैदा हुए और इस क्रिसमस के आठवें दिन जो ईसा साहब का “खतना” (लिंग की रक्षार्थ चमड़ा ‘खिलड़ी’ काटना) हुआ था। ये खतना मुस्लिम समुदाय में भी किया जाता है। अतः ये तो सिद्ध हुआ कि ये दोनों संस्कृति कुछ भेद से एक हैं। अतः ईसा साहब के पैदा होने से आठवें दिन जो “लिंगचर्म छेदन संस्कार” अर्थात् खतना हुआ वह नया साल है। On the eighth day, when it was time to circumcise the child, he was named Jesus, the name the angel had given him before he was conceived. [ Luke 2:21 ]

और जब बालक के खतने का आठवाँ दिन आया तो उसका नाम यीशु रखा गया। उसे यह नाम उसके गर्भ में आने से पूर्व भी पहले स्वर्गदूत द्वारा दे दिया गया था। [ लूका २ | २१ ]

अब ये खतना तो हुआ ईसा साहब का और मनाते हिन्दू समाज के लोग हैं। वो भी पुरे जोशो खरोश से, ये बात समझ से बाहर है।

तो जो भी हिन्दू ये नया साल मनाते हैं, उन्हें जान लेना चाहिए कि खतना की परंपरा मूसा का नियम है। मूसा ईसाइयों और मुस्लिमो के बड़े पैगम्बर हुए हैं। खैर ये जान लीजिये की इसी मूसा के नियमानुसार ईसा का “लिंगचर्म छेदन संस्कार” खतना हुआ था।

And every male among you who is eight days old shall be circumcised throughout your generations, a servant who is born in the house or who is bought with money from any foreigner, who is not of your descendants. [ Genesis 17:12 ]

जब बच्चा आठ दिन का हो जाए, तब उसका खतना करना। हर एक लड़का जो तुम्हारे लोगों में पैदा हो या कोई लड़का जो तुम्हारे लोगों का दास हो, उसका खतना अवश्य होगा। [ उत्पत्ति १७ | १२ ]

On the eighth day the flesh of his foreskin shall be circumcised. [ Leviticus 12:3 ]

आठवें दिन बच्चे का खतना होना चाहिए। [ लैव्यव्यवस्था १२ | ३ ]

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इस पर यदि कोई ईसाई कहे कि ये तो पुराना नियम है और इसे नहीं मानता। तो ये देखें यीशु ने स्वयं कहा:

Think not that I am come to destroy the law, or the prophets: I am not come to destroy, but to fulfil.

For verily I say unto you, Till heaven and earth pass, one jot or one tittle shall in no wise pass from the law, till all be fulfilled. [ Matthew 5:17-18 ]

यह न समझो, कि मैं मूसा के धर्म नियम और भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों को लोप करने आया हूँ।लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूँ।

मैं तुम से सच कहता हूँ कि जब तक आकाश और पृथ्वी समाप्त नो जाएँ, तब तक मूसा की व्यवस्था का एक एक शब्द और एक एक अक्षर बना रहेगा। वह तब तक बना रहेगा जब तक वह पूरा नहीं हो लेता। [ मत्ती ५ | १७-१८ ]

उपरोक्त प्रमाणों से सिद्ध होता है कि ईसा का खतना  यानी “लिंगचर्म छेदन संस्कार” जन्म के आठवें दिन हुआ था जो ग्रैगोरियन कैलेंडर के अनुसार १ जनवरी होता है। यीशु के इसी “लिंगचर्म छेदन संस्कार” की खुशी में हर वर्ष नया साल के रूप में मनाया जाता है। वास्तव में तो ये खतना दिवस ही है, भले ही कोई इसे नया साल के रूप में मनाये।

आज तो कोई ईसाई शायद ही खतना कराता है। जबकि यीशु ने तो स्वयं खतना कराया। साथ ही साथ सभी को मूसा के नियमानुसार खतना कराने का आदेश भी दिया। क्या ये ईसाइयों द्वारा बाइबिल और यीशु के आदेश का उल्लंघन नहीं?

ग्रीक आॅर्थोडाॅक्स चर्च तो आज भी १ जनवरी को नया साल नहीं बल्कि खतना दिवस के रूप में ही मनाते हैं।
प्रमाण स्वरूप उनके 2017 के कैलेंडर को नीचे क्लिक करके देख सकते हैं –

On Sunday, January 1, 2017 we celebrate

खैर जो भी है। सबसे बड़ी बात है कि खतना करना, करवाना, ईसाई और मुस्लिम संस्कार है। हिन्दू समुदाय में ये घृणित कार्य माना जाता है क्योंकि यदि ईश्वर की रचना में कोई कमी होती तो ये खाल नहीं होती। लेकिन ईश्वर अपनी रचना में कभी कोई कमी नहीं करता, न ही किसी को इस शरीर में कांट छांट करने का अधिकार ही प्रदान करता है। अतः आप सबसे हाथ जोड़कर विनती है कि अपने अपने संस्कार सबको मानने चाहिए।

मगर हिन्दू समाज यदि १ जनवरी को “लिंगचर्म छेदन संस्कार” अर्थात खतना दिवस को सामूहिक रूप से अपने परिवार सहित मनाना ही चाहता है तो कृपया ईसा, मूसा और यहोवा की आज्ञा पालन करते हुए अपना भी खतना अर्थात “लिंगचर्म छेदन संस्कार” स्वयं करवा लेवे तभी इस संस्कार को ख़ुशी से मनाये।

हालाँकि वो हिन्दू जो इस “लिंगचर्म छेदन संस्कार” खतना दिवस को जोशो खरोश से मनाते हैं उनके लिए :

“बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”

थोड़ा विचार कीजिए कि किसी आठ दिवसीय बालक के लिंगचर्म छेदन संस्कार के अवसर पर हर वर्ष पटाखे फोड़ेना, शायरियाँ भेजना, तरह तरह के पकवान खाना, मौज मस्ती करना क्या ये सब काम भले मानव के हो सकते हैं भला?

जो बोले हाँ! तो उनसे अनुरोध है कि अपने भी बच्चों के खतना दिवस पर हर वर्ष पार्टी का आयोजन करें, पटाखे जलाएँ, लोगों को ग्रिटिंग्स कार्ड बाँटेंऔर मौज मस्ती करें। साथ में अपने खतने किये हुए पुत्र को अवश्य बताएँ कि सुन आज ही के दिन तेरा खतना हुआ था। सो इस खुशी में हर वर्ष पार्टी चलती है। तू भी अपने आगे के बाल बच्चों का ऐसे ही करीयो।

अपने धर्म से प्रेम करने वाले हिन्दुओं से अनुरोध है कि अब से सेक्युलर हिन्दुओं को १ जनवरी पर “Happy Circumcision Day‘ या ‘खतना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ‘ अवश्य भेजें।

बहरहाल इतने सब प्रमाणों के बाद भी यदि कोई हिन्दू १ जनवरी को मनाना चाहता है। तो पंडित लेखराम वैदिक मिशन की ओर से उन सभी हिन्दुओं को Happy Circumcision Day। खतना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

हाँ अपने परिवार वालों, विशेषकर बच्चों को भी अवश्य बताएँ कि आप १ जनवरी क्यों मनाते हैं।

अगले पृष्ठ पर पढ़िये : पंडित यशार्क का ईसा खतना दिवस पर विशेष