फ्री इंटरनेट से लेकर बिजनेस का मौका दे रहे हैं ये राज्‍य, आप भी उठाएं फायदा…

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार की तरह कई राज्‍य सरकारें युवाओं के लिए कई स्‍कीम्‍स चला रही हैं, जो युवाओं को जॉब के साथ साथ बिजनेस शुरू करने में सपोर्ट करती हैं। राज्‍य सरकारें सब्सिडी और आसान शर्तों में लोन जैसी सुविधाएं भी देती हैं। साथ ही, युवाओं को कई ऐसी ट्रेनिंग मुफ्त में दी जाती है, जो उन्‍हें जॉब या बिजनेस शुरू करने में काफी फायदेमंद साबित होती है। कई राज्‍य सरकारें केंद्र के साथ मिलकर एंटरप्रेन्‍योरशिप प्रोग्राम भी चलाती हैं, लेकिन ज्‍यादातर युवा इन योजनाओं का फायदा इसलिए नहीं उठा पाते, क्‍योंकि राज्‍य सरकारें इन योजनाओं का व्‍यापक प्रचार नहीं कर पाती। यदि इनका प्रचार हो तो कई ऐसे युवा, जो दूसरे राज्‍यों में रह रहे हैं, वापस अपने राज्‍य में आकर इनका फायदा उठा सकते हैं। ऐसे में, आज हम आपको कुछ राज्‍यों की युवाओं को प्रमोट करने वाली योजनाओं के बारे में विस्‍तार से बताएंगे। यह भी बताएंगे कि इन योजनाओं का लाभ आप कैसे उठा सकते हैं।
अगली स्‍लाइड में पढ़ें– कौन सा राज्‍य दे रहा है फ्री इंटरनेट और टॉकटाइम

इतने हजार करोड़पतियों ने भारत छोड़ दिया, बस गए इस देश में जाकर

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यूनाइटेड हिन्दी: भारत को सोने की चिड़या कहा जाता था। कितने विदेशी लोगों ने भारत पर आक्रमण किया और यहां से कीमती सामान लूट कर ले गये। विश्‍व प्रसिद्ध कोहिनूर का हीरा भी भारत की ही एक खान से निकला था। भारत रईसों का देश है। ऐसा हम नहीं कर रहे हैं। ये कहना है एक सर्वे का जिसमें पाया गया कि हजारों की संख्‍या में भारतीय करोड़पतियों ने देश छोड़ कर दूसरे देश में बसना सही समझा।

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6000 करोड़पतियों ने छोड़ा देश
जनाब भारत उन 5 शीर्ष देशों में शामिल है जहां पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में करोड़पति लोग विदेश जाकर बस रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार बीते 2016 में भारत से 6,000 ऐसे करोड़पति विदेश जाकर बस गए। यह संख्या इससे पूर्व वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। वेल्थ की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2016 तक देश की कुल संपत्ति 6,200 अरब डॉलर थी। यहां 2,64,000 करोड़पति व 95 अरबपति रहते हैं।

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ऑस्‍ट्रेलिया है लोगों की पहली पंसद
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर 2016 में लगभग 82,000 अति धनाढ्य लोग या करोड़पति विदेश चले गए हैं। जबकि 2015 में अपना देश छोड़कर विदेश चले जाने वाले करोड़पतियों की संख्या 64,000 थी। सबसे अधिक धनी लोग ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं। लगातार दूसरे साल वह इस लिहाज से पहले स्थान पर रहा है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 11,000 करोड़पति 2016 में ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गये। जिंदगी बिताने के लिहाज से ऑस्‍ट्रेलिया करोड़पतियों को बहुत पसंद आ रहा है।

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रिलायंस जियो में जॉब करने का मौका, जाने कैसे करें अप्‍लाई

नई दिल्‍ली: मंगलवार को रि‍लायंस इंडस्‍ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने जि‍यो से संबंधित कई अहम एलान किए। उन्होंने बताया कि रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के बाद से 50 लाख लोगों को रोजगार मिला है। लॉन्चिंग के समय रिलायंस जियो में 1.20 लाख लोगों को रोजगार देने का टारगेट रखा गया था। इसके अलावा रिलायंस जियो में नौकरी करने के भी मौके हैं। जियो ने अपनी वेबसाइट पर कई कैटेगिरी में 1400 से ज्यादा जॉब ऑफर किए हैं। सेल्‍स एंड डि‍स्‍ट्रि‍ब्‍यूशन, इंजीनियरिंग, फाइनेंस से लेकर अकाउंटिंग तक की कैटेगिरी शामिल हैं। मनी भास्‍करडॉटकॉम से बातचीत के दौरान रिलायंस जियो की अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। हालांकि ऐसा नहीं है कि पहली बार रिलायंस जियो की ओर से नौकरी दी जा रही है, इससे पहले भी समय- समय पर वैकेंसी निकलती रही हैं।

जानते हैं कि रिलायंस जियो में आपको किन कैटेगिरी में मिल सकती है नौकरी और कैसे अप्‍लाई कर सकते हैं

कि‍स कैटेगरी में कि‍तनी जॉब्‍स
रि‍लायंस जि‍यो की वेबसाइट पर फि‍लहाल वि‍भि‍न्‍न कैटेगरी के लि‍ए 1400 से ज्‍यादा जॉब्‍स के बारे में बताया गया है।
– सेल्‍स एंड डि‍स्‍ट्रि‍ब्‍यूशन : 526 जॉब्‍स
– इंजीनि‍यरिंग एंड टेक्‍नोलॉजी : 184 जॉब्‍स
– कस्‍टमर सर्वि‍सेज : 401 जॉब्स
– अन्‍य : 57 जॉब्‍स

– इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर : 66 जॉब्‍स

– आईटी एंड सि‍स्‍टम : 125 जॉब्‍स

– सप्‍लाई चेन : 13 जॉब्‍स

– फाइनेंस एंड अकाउंटिंग : 17 जॉब्‍स

– एचआर एंड ट्रेनिंग : 16 जॉब्‍स
– ऑपरेशंस : 9 जॉब्‍स
– प्रोडक्‍ट मैनेजमेंट : 18 जॉब्‍स
– अलायंस एंड बि‍जनेस डेवलपमेंट : 14 जॉब्‍स
– रेग्‍यूलेटरी : 2 जॉब्‍स
– लीगल : 1 जॉब्‍स

जानिए – जॉब के लिए कैसे करें अप्‍लाई

रि‍लायंस जि‍यो में अप्‍लाई करने के लि‍ए कंपनी की वेबसाइट पर जाएं और ये स्टेप फॉलो करें :

– करि‍यर.जि‍यो.कॉम पर जाएं।

– न्‍यू यूजर पर क्‍लि‍क करें या डायरेक्‍ट लिंक पर क्‍लि‍क करें।

– खुद को रजि‍स्‍टर करें।

– आपको एसएमएस के जरि‍ए मोबाइल पर कन्‍फर्मेशन आएगा।

– दोबारा करि‍यर.जि‍यो.कॉम पर लॉग-इन करें।

– स्‍टूडेंट्स एंड ग्रेजुएट जॉब्‍स, जि‍योग्राफि‍कल जॉब्‍स, कॉरपोरेट जॉब्‍स और हॉट जॉब्‍स के लि‍ए सर्च करें।

– आप शहर या अपनी डि‍ग्री के हि‍साब से भी सर्च कर सकते हैं।

खास बात यह है कि रिलायंस जियो में जॉब्‍स की इन अलग- अलग कैटेगरी के लिए सैलरी भी अलग – अलग तरह की हैं। इससे संबंधित जानकारी जॉब के लिए अप्‍लाई करने के बाद कंपनी के एचआर द्वारा दी जाएगी।

अलग- अलग कैटेगरी के लिए सैलरी भी अलग – अलग तरह की हैं।

इस मशहूर होटल में पैरों से गूथा जाता था आटा, Video वायरल होने के बाद पड़ा छापा

फोटो सौजन्‍य: यू-ट्यूब वीडियो ग्रैब

नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर एक वीडियो के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने दिल्ली शहर के कनाट प्‍लेस स्थित मशहूर ‘काके दा होटल’ से बुधवार को भोजन के नमूने एकत्रित किए इस वीडियो में एक व्यक्ति अपने पैरों से आटा गूंथते दिखायी दे रहा है। वायरल हुए इस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने यहां छापा मारा। इस वीडियो में होटल का एक कर्मचारी आटे को अपने पैरों से गूंथते दिखाई दे रहा है।

बहरहाल, कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल स्थित 86 वर्ष पुराने इस होटल ने आरोप को खारिज किया है और इसे एक ‘साजिश’ बताया है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपने पैरों से आटा गूंथते दिखाई दे रहे एक व्यक्ति का वीडियो सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त के नेतृत्व में एक टीम ने काके दा होटल का दौरा किया और वहां से खाद्य नमूने एकत्रित किए। अधिकारी ने बताया कि इन नमूनों को जांच के लिए एक प्रयोगशाला में भेजा जाएगा और एक या दो दिन में इसके परिणाम आ जाएंगे। मशहूर रेस्तरां काके दा होटल 1930 में स्थापित किया गया था। वीडियो की सत्यता की अभी पुष्टि नहीं की जा सकी है। काके दा होटल के कैशियर शम्भू सिंह रावत उर्फ शिव सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने रेस्तरां का दौरा किया और खाद्य पदार्थों के नमूने लिये। हमें इस वीडियो के बारे में पता चला। यह रेस्तरां को बदनाम करने की साजिश है।

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रोजाना 30 रुपए की बचत आपको बना सकती हैं करोड़पति, जानिए कैसे और….

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नौकरी करने के साथ आप अगर बचत के बारे में नहीं सोचते हैं तो आपको भविष्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अगर आप सही समय पर सही जगह पर निवेश करते हैं तो आपको अपने भविष्य के बारे में चिंता करने की जरुरत नहीं है। अगर आप रोजाना 30 रुपए भी बचाते हैं तो रिटायरमेंट की उम्र तक 1 करोड़ से ज्यादा की पूंजी एकत्र कर सकते हैं। दरअसल छोटे सी रकम को भी अगर लंबी अवधि तक निवेश किया जाए तो चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Intrest) के कारण छोटा सा निवेश बड़ी पूंजी में तब्दील हो जाता है।

कैसे और कहां करें निवेश
अगर आप की उम्र 20 साल की है और आप रोजाना 30 रुपए बचाते हैं तो आप करोड़पति बन सकते हैं। 30 रुपए प्रतिदिन बचाने से आपके पास महीने में 900 रुपए की पूंजी हो जाएगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब इस पैसे को हर माह सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में निवेश करें। अगर आपका फंड सालाना 12.5 प्रतिशत का रिटर्न देता है तो आप 40 साल के बाद 60 साल की उम्र में करोड़पति बन जाएंगे। 12.5 प्रतिशत का रिटर्न मिलने पर निवेशकर्ता 40 साल में 1 करोड़ से ज्यादा की पूंजी इकट्ठा कर सकता है। अगर आप कम समय में ज्यादा रकम एकत्र करना चाहते हैं तो आपको रोजाना जमा करने वाले पैसे की कीमत बढ़ानी होगी। आप अपनी सुविधा से प्रतिदिन एक निश्चित अमाउंट सेव कर सकते हैं। हालांकि निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से अवश्य सलाह लेनी चाहिए।

कहां कर सकते हैं निवेश
myinvestmentideas.com की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ म्यूचुअल फंड्स के बारे में बताया गया था कि जिन पर लंबे समय की अवधि में निवेश करके अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। साल 2017 में इन फंड्स में पैसा लगाना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। आइए नजर डालते कुछ फंड्स की परफॉर्मेंस पर। प्रिंसिपल इमरजिंग ब्लू चिप फंड ने पिछले साल 17.5% का सालाना रिटर्न दिया था। वहीं, 3 और 5 साल में इस फंड का रिटर्न क्रमश: 31.7 और 27.5 प्रतिशत रहा। दूसरा फंड L&T इंडिया वैल्यू फंड है, जिसका पिछले एक साल में 16.8 प्रतिशत का रिटर्न दिया।

(यह खबर वित्तीय सलाह के अाधार पर बनाई गई है, यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम अपनी तरह से कोई वित्तीय सलाह नहीं दे रहा है। निवेश करने से पहले एक्सपर्टस से राय अवश्य लें।)

अंतरिक्ष की दुनिया में बढ़ी भारत की हिस्सेदारी, 104 सेटेलाइट भेज कमाये 100 करोड़

अंतरिक्ष के बाजार में भारत का दबदबा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। विश्व में सबसे कम लागत, सस्ते संसाधन से भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो, विश्व में सेटेलाइट लॉन्चिंग की सफल गारंटी का केंद्र बन गई है। ताजा उदाहरण बुधवार को PSLV-C37 के जरिये 104 उपग्रहों की एक साथ लॉन्चिंग से भारत ने 100 करोड़ का मुनाफा कमाया।

इसमें 88 उपग्रह अमेरिका की कंपनी प्लेनेटलैब्स के थे। बढ़ती लागत और दुर्घटनाओं की वजह से अमेरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा 2011 से ही स्पेस शटलों का प्रयोग बंद कर चुकी है, लेकिन भारत सस्ती लॉन्चिंग के केंद्र के रूप में विश्वभर की असफलता के बावजूद विश्व में सफल हो रहा है। चित्तौड़गढ़ मेवाड़ यूनिवर्सिटी में डिप्टी डायरेक्टर शशांक द्विवेदी के मुताबिक भारत अंतरिक्ष बाजार में उभरती हुई ताकत है।

ऐसा अनुमान था कि नोटबंदी का असर भारतीय कंपनियों पर बुरी तरह पडे़गा लेकिन…

नई दिल्ली : अक्टूबर-दिसंबर 2016 क्वॉर्टर के रिजल्ट मार्केट ऐनालिस्टों की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। 1,109 कंपनियों ने इस तिमाही के अपने नतीजे पेश किए हैं और उनके रेवेन्यू में 7.52 पर्सेंट और नेट प्रॉफिट में 18.99 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। इस बारे में एयूएम कैपिटल के रिसर्च हेड राजेश अग्रवाल ने कहा, ‘अब तक के नतीजों ने हमें हैरान किया है।’ नोटबंदी की वजह से मार्केट अच्छे रिजल्ट की उम्मीद नहीं कर रहा था। ऐडवेंट अडवाइजर्स के एमडी के आर भरत ने बताया, ‘कंपनियों का रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रहा क्योंकि नोटबंदी के असर से वे बहुत तेजी से उबरीं।’

तिमाही नतीजों के बाद कितने स्टॉक की रेटिंग बढ़ी या कम हुई, इससे यह पता चलता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स आंकड़ों को किस तरह से देख रहे हैं। शेयरखान के रिसर्च हेड गौरव दुआ ने कहा, ‘अधिकतर सेक्टर्स पर नोटबंदी का जितना असर पड़ने की आशंका थी, वह उससे कम रही। इसलिए अपग्रेड स्टॉक्स की संख्या डाउनग्रेड किए जाने वाले शेयरों से कम है।’ पिछले एक महीने में बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1,600 अंक यानी 6 पर्सेंट चढ़ा है। इसका भी शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर हुआ है। ब्याज दरों में कमी आने से भी कंपनियों को फायदा हुआ है। इस तिमाही में एग्रीगेट इंट्रेस्ट कॉस्ट में सिर्फ 5.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। इंट्रेस्ट में कम बढ़ोतरी और डेप्रिसिएशन के चलते दिसंबर क्वॉर्टर में नेट प्रॉफिट मार्जिन बेहतर हुआ है। इस वजह से भी एग्रीगेट नेट प्रॉफिट का आंकड़ा अच्छा दिख रहा है।

कहां से आई अच्छी खबरें : ऑटो कंपनियों पर नोटबंदी का असर बहुत ज्यादा नहीं दिखा। दुआ ने बताया, ‘नोटबंदी से ऑटो सेक्टर को जितना नुकसान होने की आशंका थी, उतना नुकसान नहीं हुआ।’ मिसाल के लिए आयशर मोटर्स का प्रॉफिट दिसंबर क्वॉर्टर में 50 पर्सेंट से अधिक बढ़ा। ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज में हालिया बढ़ोतरी के चलते स्टील, जिंक, ऐल्युमीनियम जैसे सेक्टर्स का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। टाटा स्टील दिसंबर क्वॉर्टर में नेट लेवल पर मुनाफे में रही, जबकि साल भर पहले की इसी तिमाही में उसे लॉस हुआ था। क्रूड ऑइल के दाम में मामूली बढ़ोतरी, सब्सिडी बोझ में कमी आने के चलते ओएनजीसी का प्रॉफिट दिसंबर क्वॉर्टर में 239 पर्सेंट बढ़ा।

सीमेंट सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहने की आशंका थी क्योंकि नोटबंदी के चलते कंस्ट्रक्शन ऐक्टिविटी काफी कम हो गयी थी। हालांकि, इस सेगमेंट की कई कंपनियों, खासतौर पर दक्षिण भारत की फर्म्स ने दिसंबर क्वॉर्टर में डबल डिजिट में वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की। दुआ ने बताया, ‘तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से मांग बढ़ने के चलते दक्षिण भारत की सीमेंट कंपनियों का प्रदर्शन बढ़िया रहा।’ बैंकिंग और फाइनैंस कंपनियों का प्रदर्शन भी ठीक-ठाक रहा है। उन्हें नोटबंदी के चलते सस्ता फंड मिलने, यील्ड में कमी आने से ट्रेजरी गेन हुआ।

बुरी खबरें कहां से आईं : आईटी कंपनियों का रिजल्ट उम्मीद से कमजोर रहा। कोटक महिंद्रा ओल्ड म्यूचुअल लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी हेड हेमंत कानावाला ने बताया कि अमेरिकी कंपनियों के आईटी पर खर्च घटाने के चलते ऐसा हुआ। जिन फार्मा कंपनियों ने अब तक रिजल्ट का ऐलान किया है, उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। हालांकि, कई बड़ी दवा कंपनियों ने अपने नतीजों की घोषणा अभी तक नहीं की है। अग्रवाल ने बताया, ‘डोमेस्टिक फार्मा कंपनियों के लिए नोटबंदी अच्छी रही क्योंकि लोगों ने पुराने नोटों से जरूरी दवाओं का स्टॉक तैयार किया।’

जिसकी आशंका थी : एफएमसीजी सेगमेंट को नोटबंदी से नुकसान हुआ। इन कंपनियों के रेवेन्यू में 2.14 पर्सेंट की गिरावट आयी और नेट प्रॉफिट सिर्फ 1.84 पर्सेंट बढ़ा। एफएमसीजी कंपनियों के जनवरी-मार्च 2017 तिमाही के आंकड़े भी अच्छे नहीं रहेंगे। ये कंपनियां डिस्ट्रीब्यूटर्स को सामान की जो सप्लाइ करती हैं, उसे सेल्स मानती हैं। हालांकि, वास्तविक बिक्री इसके बाद होती है। दिसंबर तिमाही में डिस्ट्रीब्यूटर्स से कन्ज्यूमर्स को बिक्री कम रही, इसलिए वे जनवरी-मार्च 2017 तिमाही में एफएमसीजी कंपनियों से कम सामान खरीदेंगे। अगर दिसंबर क्वॉर्टर में इन कंपनियों ने विज्ञापन पर खर्च नहीं घटाया होता तो मुनाफा कहीं अधिक कमजोर होता। हालांकि, उनके इस कदम की कीमत एंटरटेनमेंट और मीडिया सेक्टर को चुकानी पड़ी, जिसकी आमदनी में 14.55 पर्सेंट और मुनाफे में 28.77 पर्सेंट की गिरावट आई। नोटबंदी की तगड़ी चोट रियल एस्टेट सेक्टर को भी लगी। इसके रेवेन्यू में 13.95 पर्सेंट और मुनाफे में 21.44 पर्सेंट की गिरावट आई।

बाबा रामदेव की पतंजलि में 8 हजार जॉब, 40 हजार महीने तक सैलरी…

नई दिल्ली : पतंजली आयुर्वेद ने बड़े पैमाने पर लोगों के लिए रोजगार के मौके पेश किए हैं। पतंजलि ने अलग-अलग कैटेगरी के लिए करीब 8 से ज्यादा  वैकेंसी निकाली हैं। लगातार बढ़ते कारोबार के चलते स्वामी रामदेव की कंपनी को और ज्यादा लोगों की जरूरत पड़ रही है। दो साल के भीतर पतंजलि का टर्नओवर अब 5 हजार करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुका है।

कुल 8097 पोस्ट के लिए निकाली वैकेंसी…
पतंजलि ने फिलहाल कुल 8097 पपोस्ट के लिए वैकेंसी निकाली है। सलेक्शन प्रॉसेस से गुजरने के बाद ही आखिरी नियुक्ति होगी। सलेक्शन की सारी प्रक्रिया हरिद्वार में पूरी की जाएगी। फिलहाल अपलार्इ करने की कोई आखिरी तारीख नहीं है। आप जितनी जल्दी हो सके आवेदन कर सकते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ें- क्या है योग्यता…

पेप्सी-कोक को भारत से भगाने के लिए तमिलनाडु से अभियान की हुई शुरुआत…

पेप्सी-कोक के खिलाफ तमिलनाडु से जागरण की शुरुआत…

यूनाइटेड हिन्दी : तमिलनाडु ट्रेडर्स एसोसिएशन के सभी व्यापारी एक मार्च से पेप्सी और कोक के सभी उत्पादों का बहिष्कार करने जा रहे हैं। सभी व्यापारी संगठनों ने एक बैठक में निर्णय लिया है कि पेप्सी-कोक के उत्पादों को नहीं बेचा जाएगा। यूनाइटेड हिन्दी ही जमीनी रिपोर्टर से खबर है कि विभिन्न माध्यमों द्वारा जनजागरण फैलाए जाने तथा पेयजल एवं भूमिगत जल की स्थिति दिनोंदिन ख़राब होने के बाद से जनता में इन कंपनियों के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। व्यापारियों ने यूनाइटेड हिन्दी संवादाता मनीष शर्मा से कहा है कि ये दोनों कम्पनियां तमिलनाडु में भूजल का अंधाधुंध दोहन कर रही हैं, जिस कारण भूजल का स्तर बहुत नीचे चला गया है। व्यापारियों के इस निर्णय से केवल तमिलनाडु में ही इन कंपनियों को लगभग 1400 करोड़ रूपए का नुक्सान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। यदि व्यापारी और जनता एक कदम और आगे बढ़ाकर, पेप्सी-कोक के आलू चिप्स भी बेचना बंद कर दें तो यह नुक्सान और अधिक गहरा सकता है।

तमिलनाडु व्यापारी एसोसिएशन में छोटे-बड़े सभी मिलाकर 15,000 व्यापारी हैं, जबकि दुसरे व्यापारी संगठन भी इस मुहीम से जुड़ते चले जा रहे हैं। तमिलनाडु में पेप्सी का मार्केट शेयर 60% है, कोक का लगभग 30% और बाकी के शीतल पेयों का 10% दोनों ही कम्पनियों ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सितारों को विज्ञापन हेतु अनुबंधित कर रखा है। पेप्सिको कम्पनी के तमिलनाडु में सात बड़े-बड़े प्लांट हैं, जबकि कोक के पांच प्लांट हैं…. जिनमें लाखों गैलन पानी रोजाना पेप्सी निर्माण के लिए उपयोग किया जाता है, तथा लगभग इतना ही पानी बेकार भी जाता है।

ताजा कमेन्ट : Prashant Sen : मुझे तो साउथ इंडियंस ज्यादा जागरूक लगते है। नार्थ इंडियंस से ज्यादा साउथ इंडियंस अपने कल्चर को समझते है और संम्मान करते है। जल्लीकट्टू वाले प्रकरण से ये प्रमाणित होता है। बाकि भारत में भी सभी को एकजुट हो कर इन कंपनियों के खिलाफ खड़े होना चाहिए ।

सनद रहे कि इससे पहले केरल हाईकोर्ट भी इन दोनों महाकाय कंपनियों को भूजल के अत्यधिक दोहन को लेकर केरल से बाहर का रास्ता दिखा चुका है, परन्तु इन कंपनियों द्वारा उच्च स्तर पर सांठगाँठ करके उच्चाधिकारियों को रिश्वत खिलाकर बड़े पैमाने पर धांधलियाँ की जाती हैं। न तो दोहन किए जाने वाले भूजल का कोई हिसाब होता है और ना ही ये कम्पनियां बारिश में भूजल को रीचार्ज करने के कोई ठोस उपाय करती हैं। इस कारण जमीन में पानी का स्तर तेजी से घट रहा है और उधर तमिलनाडु और कर्नाटक आपस में कावेरी के पानी को लेकर भिड़े हुए रहते हैं। गरीब किसान पिसता रहता है, जबकि शहरी जनता को पीने का पानी महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। इन दोनों ही महाकाय कंपनियों पर जितनी जल्दी और जितनी प्रभावी लगाम कसी जाए उतना ही बेहतर होगा। तमिलनाडु के व्यापारी और जनता तो जाग रहे हैं, क्या बाकी भारत में भी ऐसा होगा ?

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शाहरुख, सलमान, आमिर सब हो जाएं सावधान… अब पीएम कड़े एक्शन की तैयारी में हैं !

अब सरकार का टारगेट बॉलीवुड है।

नई दिल्ली : देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस समय एक बड़े एक्शन की तैयारी में जुटे है। खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है कि अब सरकार का टारगेट बॉलीवुड है। माना जा रहा है कि इसके लिए एक्शन प्लान तैयार हो गया है और आगे आने वाले समय में बॉलीवुड के बड़े सितारों पर सरकार की गाज गिर सकती है।

दरअसल खबर ये है कि सरकार इस बात का पता लगाना चाहती है कि आखिर बॉलीवुड के सितारों की हर फिल्म विदेशी मुद्रा में कितनी कमाई करती है। इसके साथ ही सरकार ये भी पता लगाना चाहती है कि आखिर विदेशी कंपनियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट जैसी सेवाएं देकर भारतीय कंपनियां कितना कमा रही हैं। खबरों की मानें तो सरकार को अब तक इस बात का अंदाजा नहीं है कि भारतीय स्टार विदेशों से कितने डॉलर में कमाई कर रहे हैं।

आपने अक्सर देखा होगा कि भारत के बड़े सितारों की फिल्में ना सिर्फ  भारत में ही रिलीज होती हैं, बल्कि विदेशों में भी कई फिल्में धूम मचाती हैं। इसके साथ ही ये  भी देखा जाता है कि बॉलीवुड के सितारे विदेशों में जाकर भई स्टेज शो करते हैं। इन तमाम शो से सितारों के पास कितना रुपया आता है और डॉलर में कितनी कमाई होती है, सरकार इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए सरकार ने एक प्लान तैयार किया है और कहा जा रहा है कि ट्रेन इन सर्विसेज को इस बात की जिम्मेदारी दे दी है कि इस तरह की कमाई का भी पता लगाएं। केवल इंटरटेनमेंट जगत ही नहीं बल्कि टेलिकॉम और अकाउंटिंग, मेडिकल टूरिज्म, लॉ, मार्केट रिसर्च जैसी तमाम सर्विसेज से विदेशी में होने वाली कमाई की भी जानकारी हासिल करना चाहती है।

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