बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की मौत की खबर का सच आया सामने….

तेज बहादुर यादव पूरी तरह स्वस्थ हैं, मौत की खबरें पाकिस्तानियों का एजेंडा : बीएसएफ

नई दिल्ली (यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम): कुछ महीने पहले भारतीय सीमा पर तैनात बीएसएफ के एक जवान ने खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और facebook पर एक वीडियो शेयर करके कहा कि बीएसएफ में जवानों को अच्छा खाना नहीं दिया जाता है ! बीएसएफ ने तत्काल उसपर जांच बिठाई और आरोपों को नकार दिया। लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर यह बताया जा रहा है कि भारत में यह शिकायत करने वाले जवान की मौत हो चुकी है। वहीं, बीएसएफ ने सोशल मीडिया पर जवान तेज बहादुर यादव की मौत की तस्वीरों को पूरे तौर पर सिरे से खारिज कर दिया है। बीएसएफ ने कहा है कि तेज बहादुर यादव पूरी तरह स्वस्थ हैं। दरअसल सोशल मीडिया पर घूम रही कुछ तस्वीरों में बीएसएफ में खान-पान की शिकायत करने वाले जवान तेज बहादुर की मौत की झूठी खबर प्रचारित की जा रही है। इन तस्वीरों में तेजबहादुर को चोटें लगी हुईं भी नज़र आ रही हैं।

pakistani tweet on tej bahadur

पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर बीएसएफ जवान तेज बहादुर को लेकर चल रहा ट्वीट…

बीएसएफ का कहना कि ज़ाहिर है यह तस्वीरें फ़र्ज़ी प्रोपेगेंडा का हिस्सा हैं। पड़ताल में यह पता चला है कि यह प्रोपेगेंडा सीमापार से संचालित हो रहा है। इन तस्वीरों को प्रमुखता से ट्वीट करने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स इसकी तस्दीक करते हैं कि वे पाकिस्तान के हैं।

यूनाइटेड हिन्दी डॉट कॉम ने इसी वायरल खबर की जाँच पड़ताल की तो पता चला की तेजबहादुर यादव के मौत की जो तस्वीर चलाई जा रही है वो सुकमा में मारे गए 12 जवानों में से किसी एक जवान की है ।

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तेजबहादुर के मौत की जो तस्वीरें इस फेसबुक में दिखाई जा रही है वो किसी और जवान की है। तेजबहादुर यादव के मौत की जो तस्वीर चलाई जा रही है वो 11 मार्च को सुकमा में मारे गए 12 जवानों में से किसी एक जवान की है।

टीम ने इस बारे में तेजबहादुर यादव की पत्नी से भी बात की है। उन्होंने ने भी तेजबहादुर के मौत की खबर को झूठी खबर कहा और यह बताया कि तेजबहादुर पूरी तरह स्वस्थ हैं।

साथ ही बीएसएफ का भी कहना कि जाहिर है यह तस्वीरें फर्जी प्रोपेगेंडा का हिस्सा हैं। जांच में यह पता चला है कि यह प्रोपेगेंडा सीमापार से संचालित हो रहा है।