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भाजपा की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी में 105 सदस्‍य हैं। लेकिन इसकी बैठक में 80 और सदस्‍यों को बुलाए जाने का अनुमान है। ये सभी आमंत्रित सदस्‍य के तौर पर बुलाए जाएंगे। शाह के इस कदम को आडवाणी, यशवंत सिन्‍हा, मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार जैसे नेताओं द्वारा उठाए गए बगावती सुर से निपटने के उपाय के तौर पर देखा जा रहा है।

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भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह  

भाजपा का अध्‍यक्ष बनने के बाद से पहली बार अमित शाह को अपने खिलाफ बगावती तेवर दिखने का खतरा लग रहा है। इस खतरे को भांपते हुए उन्‍होंने इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्‍हें आशंका है कि लालकृष्‍ण आडवाणी सहित पार्टी के वरिष्‍ठ नेता दिल्‍ली और बिहार में भाजपा की हार और गुजरात के ग्रामीण इलाकों में पार्टी की जमीन खिसकने को लेकर बगावती तेवर दिखा सकते हैं। ऐसे में अमित शाह अगले साल दूसरी बार अध्‍यक्ष बनने के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। पार्टी के बड़े ओहदों पर बैठे सूत्र बताते हैं कि इसी कवायद के तहत राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 80 नेताओं को आमंत्रित सदस्‍य के तौर पर बुलाए जाने की तैयारी है।

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