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लेखक : रवि कुमार (इतिहास छात्र-दिल्ली विश्वविद्यालय)

भारत में लोग फिल्मों में जलियांवाला बाग़ हत्याकांड तथा भगत-सुखदेव-राजगुरु की फांसी मात्र देखकर आज भी भडक उठते हैं लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं होगा उनके ही देश में ऐसे ऐसे कत्लेआम व नरसंहार अंजाम दिए गये हैं जिनके सामने आज के ISIS, बोको हरम व तालिबान अलकायदा कुछ भी नहीं हैं, ऐसे ही एक क्रूरतम नरसंहार के बारे में हम बता रहे हैं आपको जिससे आप आजतक शायद अनजान हैं जिसे ब्रिटिश सरकार व उसके तत्कालीन तानाशाह मुखिया विंस्टन चर्चिल ने अंजाम दिया था,

Bengal Genocide by British Government

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यह नरसंहार था इतिहास के क्रूरतम कत्लेआमों में से एक ‘बंगाल का अकाल’ जिसे इतिहास ने मात्र एक अकाल समझकर भुला दिया जो कि सीधा सीधा कत्लेआम था जिसे विंस्टन चर्चिल व ब्रिटिश सरकार ने अंजाम दिया था, हिटलर ने लाखों यहूदियों को मार दिया था उसके लिए यहूदी आजतक रोते रहते हैं व अपने तगड़े सूचना तंत्र तथा मार्केटिंग के बल पर दुनिया की सहानुभूति बटोरते रहते हैं, लेकिन भारतीयों पर हुए अत्याचारों की कहीं कोई चर्चा नही होती, चाहे वो वर्षों इस्लामी आक्रमणकारियों द्वारा किये गये कत्लेआम व अत्याचार हो या पुर्तगालियों, अंग्रेजों द्वारा अंजाम दिए गये भयानक कत्लेआम हों या फिर विभाजन के बाद हुए दंगे-फसाद, जिसमें सीधी सीधी भूमिका ब्रिटिश सरकार की ही थी,

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आज वर्तमान में बहुत कम ही भारतीय होंगे ऐसे जो ‘बंगाल में ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रायोजित भयानक अकाल‘ के बारे में जानते होंगे, यह कोई अकाल नहीं बल्कि एक ऐसा नरसंहार था जिसमें 60 लाख से ज्यादा भारतीय मारे गये थे यानी की विभाजन के समय हुए दंगो से कई गुना ज्यादा लेकिन इस घटना का जिक्र कहीं नही होता, क्योंकि इतिहासकारों को भारतीयों पर हुए अत्याचारों में ज्यादा रूचि नहीं रहती और ना ही भारतीयों को अपने भूत भविष्य से कोई ज्यादा लेना देना होता है,

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स्रोतhindi.revoltpress
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