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नई दिल्ली : बाबा रामदेव ने सोमवार को अपनी कंपनी पतंजलि का आटा नूडल्स मार्केट में लॉन्च कर दिया। इस प्रोडक्ट की टैग लाइन है ‘झटपट बनाओ, बेफिक्र खाओ’। लॉन्चिंग के मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि आटा नूडल्स से होने वाली कमाई गरीब बच्चों की पढ़ाई पर खर्च की जाएगी। आटा नूडल्स के छोटे पैकेट की कीमत 15 रुपए रखी गई है। बाबा रामदेव ने कहा कि ऑयल-फ्री आटा नूडल भी बाजार में उपलब्ध होगा। बता दें कि देश में नेस्ले कंपनी के नूडल्स मैगी पर बैन के बाद रामदेव ने मार्केट में आटा नूडल्स लाने का एलान किया था। हालांकि, मैगी हाल ही में सभी लैब टेस्ट पास करके वापस बाजार में एंट्री कर चुकी है।

? स्वदेशी को प्रमोट करने का दावा…
इस प्रोडक्ट के बारे में रामदेव ने कुछ वक्त पहले कहा था, ”हमारा टारगेट देश के लोगों को स्वदेशी के लिए प्रेरित करना है। लोगों को स्वदेशी चीजें अपनानी चाहिए।” नेस्ले की मैगी पर बैन लगने पर रामदेव ने कहा था कि हमें ऐसी कंपनी नहीं चाहिए, जो आपके बच्चों को जहर खिलाती हो। रामदेव ने कहा था कि हम बच्चों को वही स्वाद और उनकी पसंद वापस लौटाने की कोशिश करेंगे। इस स्वदेशी नूडल्स में कोई नुकसानदेह चीज नहीं होगी।

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? मैगी पर क्यों लगा था बैन ??
1. मैगी में लेड तय सीमा से ज्यादा था।
2. कंपनी ‘नो एडेड एमएसजी’ का लेबल लगाकर गुमराह कर रही थी।
3. मैगी ओट्स मसाला नूडल्स विद टेस्टमेकर को बिना प्रोडक्ट अप्रूवल के बेचा जा रहा था।
4. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मैगी इंस्टैंट नूडल्स के सभी 9 वेरिएंट पर बैन लगा दिया था।

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? मैगी से कैसे हटा बैन ???
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को कहा था कि मैगी लैब टेस्ट पास करने के बाद बिक्री शुरू कर सकती है। हाल ही में तीन लैब्‍स ने मैगी नूडल्‍स के सैम्पल्‍स को पास कर दिया था। लैब टेस्‍ट में यह साफ हो गया कि मैगी नूडल्‍स में लेड की मात्रा तय लिमिट से कम है। इसके बाद, मैगी को ऑनलाइन साइट स्नैपडील के जरिए 12 नवंबर को बेचा गया। स्नैपडील ने कुछ ही मिनटों के अंदर मैगी के 60,000 वेलकम किट बेचने का दावा किया था।

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