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नई दिल्लीः यूपी में भाजपा की जीत के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हर दांव चल रहे। सपा में जाते-जाते स्वामी प्रसाद मौर्य को अपनी पार्टी में लाकर नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने वाले शाह के इस बार के दांव ने कांग्रेस को चिंता में डाल दिया। वजह कि अमित शाह ने कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम की कमर ही तोड़ दी है। कुल 50 साथियों को बड़ी रेट में खरीदकर भाजपा से जोड़ दिया है। अब ये साथी यूपी में भाजपा की चुनाव कैंपेनिंग में लगेंगे। बदले में मोटी रकम लेंगे! आपको जानकारी के लिए बता दे बीजेपी सोसियल मीडिया पर हर महीने कुछ चुनिन्दा लोगों कर अरबों रुपये खर्च करती है जिसकी वजह से सोसियल मीडिया पर बीजेपी के पक्ष में हमेसा ही माहोल बना रहता है।

प्रशांत किशोर से अलग हुए ये साथी

अनिल जैन, अनुज  गुप्ता, सुनील, अलकेश, हिमांशु सिंह। ये ऐसे नाम हैं जिनकी बदौल प्रशांत किशोर 2014 में मोदी और भाजपा के लिए सफल कैंपेन चला चुके हैं। प्रशांत किशोर की टीम में सबसे सफल टीम लीडर के रूप में यह सभी लोग हैं। इसे देखते हुए अमित शाह ने प्रशांत किशोर की टीम के सबसे मजबूत लोगों को तोड़ने की योजना बनाई। इसमें सफलता भी मिली और खबर के मुताबिक आधे दर्जन लोगों के नेतृत्व में कुल 50 लोग प्रशांत किशोर की टीम से अलग हो चुके हैं।

बंगलुरु से जल्द पहुंचेंगे सभी लखनऊ

अमित शाह ने जिन लोगों को भाजपा से जोड़ा है, वे प्रशांत किशोर की सिटिजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस कंपनी के लिए काम करते थे। इस समय सभी बंगलुरु हैं। अब अमित शाह से एडवांस पेमेंट की डील होने के बाद जल्द पूरी टीम भाजपा के लिए चुनावी कैंपेन करने लखनऊ पहुंचेगी।

कमजोर भाजपा अब हुई मजबूत, कांग्रेस परेशान

सूत्र बता रहे कि प्रशांत किशोर ने यूपी मे कांग्रेस के लिए काफी बेहतर माहौल पैदा करने की दिशा में काम शुरू किया तो भाजपा की बेचैनी बढ़ गई। सोशल मीडिया से लेकर रोड शो में पीके की टीम ने हाथ दिखाना शुरू किया। इससे अमित शाह ने किसी दूसरी आईटी कंपनी को जोडऩे की बजाए प्रशांत किशोर की टीम को ही तोड़ने का फैसला लिया। इससे कांग्रेस के साथ प्रशांत किशोर की भी चिंता बढ़ गई है।

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