अफ़ज़ल के जीजा साले, अब बोलो किस पर ऐठेंगे! भैंसों के सारे मालिक अब गाय बाँध कर बैठेंगे

अबतक तो उम्मीद नहीं थी, यू पी के दिन बदलेंगे ।
गुंडे तस्कर और मवाली, अपनी राहें बदलेंगे ॥

लेकिन मोदी जी ने मोदी वाला, तेवर दिखा दिया ।
सबकी हाँ मिलते ही योगी जी को, सी एम बना दिया ॥

माथे पर चंदन टीका है, सूर्य तेज़ के स्वामी हैं ।
यू पी के दिल की सुन ली, मोदी जी अंतर्यामी हैं ॥

हाथी थककर बैठ गया है, और साइकल टूटी है ।
पूरा यू पी झूम रहा हैं , बस योगी की तूती है ॥

कई सियासी गठबंधन अब, भिखमंगे हो जाएँगे ।
माँ को डायन कहने वाले, सब नंगे हो जाएँगे ॥

यू पी के सब गुंडो सुनलो, ये पिस्टल वाला गाँधी हैं ।
योगी केवल नाम नहीं हैं, योगी ख़ुद में आँधी हैं ॥

जिन को घिन आती हो, भारत माँ को माता कहने में ।
जिनकी साँसे फूल रही हो, वन्दे मातरम कहने में ॥

उनको योगी, योगी वाली, भाषा में समझाएँगे ।
वक़्त पड़ा तो हिटलर वाले, तेवर भी अपनाएँगे ॥

हाँ, थोड़ा कड़वा तेवर हैं, कड़वी भाषा कहते हैं ।
लेकिन योगी राष्ट्रवाद को, गले लगाकर रहते हैं ॥

साम दाम और दंड भेद का, मंतर पढ़ना आता हैं ।
योगी जी को सीधी ऊँगली, टेढ़ी करना आता हैं ॥

अफ़ज़ल के जीजा साले, अब बोलो किस पर ऐठेंगे ।
भैंसों के सारे मालिक अब, गाय बाँध कर बैठेंगे ॥

वक़्त लेगेगा, लेकिन यू पी, पावन सी हो जाएगी ।
अब यू पी में हर दिन होली , रात दिवाली आएगी ॥

कवि ‘प्रभात परवाना’ की कविता, अब पूरा यू पी गाएगा ।
देशप्रेम और राष्ट्रवाद की, योगी अलख जगाएगा ॥