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खरगोन/इंदौर- उनके दिन की शुरुआत नमाज से होती है और समापन गाय और भगवान कृष्ण की कथा से। हम बात कर रहे हैं गौ कथा करने वाले मोहम्मद फैज खान की। कभी रायपुर में प्रोफेसर रहे मोहम्म्द फैज खान लाखों की नौकरी छोड़ अब लोगों को गोकथा सुना रहे हैं। awarepress.com बता रहा है कथावाचक खान के बारे में…

उपन्यास के मुस्लिम किरदार को जीवन में उतारा…

  •  राजनीति विज्ञान से डबल एमए फैज रायपुर में प्रोफेसर थे। फैज खान के माता पिता भी शिक्षक हैं।
  • एक उपन्यासकार गिरीश पंकज के उपन्यास एक गाय की आत्मकथा से प्रेरित होकर उन्होंने उस किरदार को जीवन में उतारने की ठान ली।
  • इसमें नायक एक मुस्लिम था। इसके बाद वे संत गाेपाल मणी से हिमालय में मिले और उनका धेनु मानस ग्रंथ पढ़ा आैर फिर गोकथा वाचक बन गए।
  • गो कथा के साथ मुस्लिम नाम होने के कारण लोग बड़ी संख्या में उन्हें सुनने पहुंचते हैं। वे रमज़ानुल मुबारक में पूरे 30 दिन के रोजे भी रखते हैं।

 

मुसलमानों के रोंगटे खड़े करने वाला विडियो आया सामने…. इस विडियो को अगर कोई सच्चा मुसलमान देख लेगा तो उसमें राष्ट्रीय चेतना जागृत जरूर हो जायेगी इसलिए राष्ट्र जागरण हित में इसे ज्यादा से ज्यादा share जरूर करे!

Faiz Khan on stage at Malpe, Udupi. In few moments his fiery words will mesmerize the audience

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