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केंद्रीय कैबिनेट में हुए हाल ही में बदलाव में स्मृति ईरानी को एचआरडी से हटा कर कपड़ा मंत्रालय दिए जाने पर जदयू के सांसद अली अनवर ने बेहद ही आप्पत्ति जनक बयान दिया है | अली अनवर ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बहस के दौरान स्मृति का मंत्रालय बदले जाने से जुड़े सवाल पर यह बयान दिया था, कहा था कि अच्छा हुआ कपड़ा मंत्रालय दिया गया है ,कम से कम तन ढकने के काम तो आयेगा |

आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वाश ने भी अली अनवर के इस बयान पर अपनी प्रतिकिर्या दी है | कुमार विश्वाश ने अली अनवर का नाम लिए बिना ऐसे अनैतिक बताया | कुमार विस्वाश ने ट्वीट किया ,असभ्य ,अशालीन व निंदनीय टिपण्णी | राजनैतिक असहमति में नैतिक मर्यादा भूलना ज्यादा अनैतिक होता है |

ब्लॉग – केसर देवी :- हमारे यहां एक काम बड़ी आसानी से हो जाता है – टांग खिंचाई। इसके लिए आपको कभी किसी को न्यौता नहीं देना पड़ेगा। कुछ लोग ऐसे हैं अपने यहां जो वाकई एक पैसे लायक नहीं होंगे पर वो गंभीर बने रहते हैं। उनपर कोई कुछ नहीं कहता है और कुछ लोग हर बात में मज़ाक का पात्र बन जाते हैं। ख़ैर, ये लोकतंत्र है और यहां कोई किसी की अभिव्यक्ति पर कुछ नहीं कह सकता।

फरवरी में स्मृति ईरानी ने संसद में स्पीच दी थी। उनकी स्पीच का एक-एक लफ़्ज़ वायरल हो गया। उन्होंने उस स्पीच में मेलोड्रामा के अलावा भी बहुत कुछ कहा था पर लोग उन्हें तुलसी वाले किरदार से ऊपर उठकर देखने को तैयार ही नहीं हैं। उन्हें उस भाषण में सिर्फ़ नौटंकी नज़र आई। जो लोग उन महानुभावों पर कुछ नहीं बोलते जो कैमरे के सामने हकलाने लगते हैं, वो भी स्मृति पर खुलकर तंज कस रहे थे। सोशल मीडिया पर उन्हें “AUNTY-NATIONAL” कहा गया।

एक 39 वर्ष की महिला को खुलकर आंटी कहा जाता है, मज़ाक का पात्र बनाया जाता है और लोग हंसते हैं, एंजॉय करते हैं। उन्हें ये शब्द तकलीफ नहीं देता, किसी महिला की अस्मिता पर ये कुठारघात नहीं लगता। स्मृति को कोई सपोर्ट नहीं मिला, इस “AUNTY-NATIONAL” जैसे शब्द पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई क्योंकि उस वक्त स्मृति का मज़ाक बनाना ट्रेंड में था। 

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