loading...

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उसके मद्देनजर समाजवादी पार्टी में जिस तरीके से खींचतान मची हुई है, उसको देखते हुए एकदम साफ है कि चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है l पार्टी के अंदर चाचा-भतीजे के बीच रार ऐसी बढ़ी कि अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव समेत 4 मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया और अपने इरादे जाहिर कर दिए l इस बर्खास्तगी के बाद यूपी में सियासी हलचल बढ़ गयी है और सपा दो खेमों में दिखने लगी है l

asm

loading...

वैसे 2012 में जब समाजवादी पार्टी को बहुमत मिला था, तो मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री की कुर्सी पर खुद ना बैठते हुए अपने बेटे अखिलेश यादव के नाम पर मुहर लगाई थी l हालाँकि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का कुछ श्रेय शिवपाल को भी जाता है, उस वक्त शिवपाल का ये फैसला उनकी मजबूरी थी या कोई राजनीतिक चाल लेकिन उस वक्त शिवपाल यादव अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सबसे आगे थे l कहा तो ये भी जाता है कि शिवपाल खुद को मुलायम सिंह यादव का उत्तराधिकारी समझते थे, लेकिन अखिलेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवपाल के सपनों को धक्का लगा है l आखिर हिंदुस्तान के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार में ऐसे हालात कैसे बने और कौन है इन सब के पीछे, इन सब चीजों से किसको होगा फायदा ?

आगे पढ़े… सपा में चल रहे घमासान के पीछे है इस महिला का हाथ ?

 

Click on Next Button For Next Slide

1 of 5
CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

loading...
शेयर करें