loading...

ajab-gajab-house-55cb2038d001a_exl

हरियाणा (रोहतक) : वर्तमान में बन रहे मकान गर्मी में तपते हैं तो सर्दी में सिकुड़ने को मजबूर कर देते हैं। इसके पीछे कारण है कि मकान निर्माण में प्रयोग होने वाला लोहा, सीमेंट और पक्की ईंट ऊष्मा को अंदर आने से नहीं रोक पाते। इस समस्या से निजात पाने के लिए डॉ. शिव दर्शन मलिक ने गाय के गोबर एवं जिप्सम को मिलाकर एक मकान तैयार किया है।

इस नई तकनीक में नींव से ऊपर एक दाना भी सीमेंट, रोड़ी, पक्की ईंट आदि का प्रयोग नहीं होगा। प्राकृतिक संसाधनों से बने इस भवन में वातानुकूलन की आवश्यकता नहीं। अपने इस अविष्कार को लेकर डॉ. मलिक ने मंगलवार को प्रेसवार्ता की।

Next पर क्लिक कर पूरी जानकारी विजिट करे…. 

1 of 3
CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

शेयर करें