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नई दिल्ली : गौरक्षकों पर पीएम मोदी के बयान के बाद संघ में दो फाड़ हो गया है। संघ ने पहले मोदी के बयान का समर्थन किया था लेकिन अब संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने कहा है कि मोदी को 80 फीसदी फर्जी गौरक्षक वाला बयान नहीं देना चाहिए था।

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दरअसल पीएम मोदी ने दिल्ली के टाउनहॉल कार्यक्रम में कहा था कि अगर राज्य सरकार लिस्ट बनाएं तो 70 से 80 फीसदी गौरक्षक फर्जी ही निकलेंगे। इसी बयान को संघ प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने गलत बताया है। मनमोहन वैद्य ने बाद में कहा, “मोदी का ये कहना कि 80% गोरक्षक नकली हैं, इसे सही नहीं कहा जा सकता। आरएसएस हमेशा गोरक्षा को सपोर्ट करता है। लेकिन मोदी के 80% वाले बयान से किनारा किया जाना चाहिए। उन्होंने हैदराबाद में इसमें सुधार कर लिया। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोग जो खुद को गोरक्षक बताते हैं, वे सही नहीं हैं।”

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वहीं आरएसएस के जनरल सेक्रेटरी भैयाजी जोशी ने सोमवार को मोदी के सपोर्ट में दिए बयान दिया, “गोरक्षक समूहों की दलितों के खिलाफ हिंसा की हम निंदा करते हैं। किसी एक सोशल ग्रुप का कानून अपने हाथ में लेकर दूसरे लोगों के गलत व्यवहार करना न केवल अन्याय है बल्कि इसे अमानवीय ही कहा जाना चाहिए।”

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मोदी ने कहा था, “70-80 फीसदी लोग ऐसी एक्टिविटीज में लगे हुए हैं जिनका समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। ऐसे लोगों का गोरक्षा से कोई लेना देना नहीं है। कभी-कभी गोरक्षा के नाम पर कुछ लोग दुकानें खोलकर बैठ जाते हैं। मुझे इतना गुस्सा आता है…। सचमुच के अगर वे गोसेवक हैं तो प्लास्टिक बंद करवा दें। गायें कत्ल से ज्यादा प्लास्टिक से मर रही हैं।”

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