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maria

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वजीरीस्तान, अफगानिस्तान से सटा पाकिस्तान का इलाका है। लेकिन, सरहद के दोनों तरफ यहां तालिबानी इस्लाम के खौफ की हुकूमत है। किसी भी आम शख्स के लिए तालिबानी इस्लामी नियम-कायदे के खिलाफ जाने की सोच भर मौत की दावत है, लेकिन इसी इलाके से बाहर निकलीं दो ऐसी लड़कियां दुनिया भर की लड़कियों के रोल मॉडल बन गईं जिन्होंने तालिबानी खौफ का डटकर मुकाबला किया।

मलाला युसुफजई की कहानी अब बार-बार सुनाए जाने वाले ऐसे अफसाने में बदल गई है जो अपने वक्त का अमिट दस्तावेज भी है, लेकिन यहीं से निकली एक और बेटी है मारिया तूरपकई, जो पाकिस्तान की नंबर-1 महिला स्क्वॉश खिलाड़ी है। मारिया तूरपकई, दुनिया की पहली 50 महिला स्क्वॉश खिलाड़ियों में शुमार हो चुकी हैं, लेकिन उनका मकसद दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनना है। मलाला की तरह ही मारिया की इस्लामिक बगावत की कहानी भी अब धीरे-धीरे दुनिया जान रही है। मारिया को इस्लामिक तालिबान ने धमकी दी थी कि अगर उसने हिजाब नहीं पहना तो उसे गोली मार दी जाएगी, लेकिन मारिया इस्लाम के डरावने कानून के आगे नहीं झुकी। उसने वही किया जो उसकी मर्जी थी-जिसे वो सही मानती थी। 

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