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  • माइग्रेन की समस्‍या होने पर असहनीय दर्द होता है।migraine-1-633x319
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  • दिमाग की रक्‍त नलिकाओं के सिकुड़ने से यह होता है।
  • इसके प्राकृतिक उपचार के लिए अदरक की चाय पियें।
  • अदरक की चाय में शहद और नींबू का रस मिलायें।
  • माइग्रेन का दर्द असहनीय होता है और इसे बर्दाश्‍त करना बहुत मुश्किल खासकर सुबह के वक्‍त दर्द और तेज हो जाता है। माइग्रेन के कारण उल्‍टी और नौसा की समस्‍या हो सकती है। इस दर्द को दूर करने के लिए अदरक की चाय पियें। अदरक की चाय पीने से माइग्रेन का दर्द प्राकृतिक रूप से दूर होता है। सामान्‍यतया अस्वस्थ जीवनशैली और खानपान में पौष्टिक तत्‍वों के अभाव के कारण तनाव और सिरदर्द की समस्‍या आम होती जा रही है। तनाव और सिरदर्द अधिक दिनों तक रहे तो यह माइग्रेन का रूप ले लेता है। माइग्रेन का दर्द कुछ घंटे से लेकर कई दिनों तक रह सकता है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये कैसे अदरक की चाय प्राकृतिक रूप से माइग्रेन को दूर करने में मददगार है।

    क्‍या है माइग्रेन

    पहले माना जाता था कि माइग्रेन मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं के फैलने और सिकुड़ने के कारण होता है, लेकिन कई अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि माइग्रेन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी के कारण होता है, जिससे न्यूरोट्रांसमीटर्स का संचरण प्रभावित होता है, विशेष रूप से सेरोटोनिन हार्मोन में असंतुलन उत्पन्न हो जाता है और यह माइग्रेन बन जाता है।

    माइग्रेन के दो प्रकार होते हैं – क्लासिकल और नॉन क्लासिकल। जब माइग्रेन का दर्द ऑरा यानी दृष्टि संबंधी गड़बड़ी के बाद शुरू होता है, तब इसे क्लासिकल माइग्रेन कहते हैं। इसमें आमतौर पर सिरदर्द के 10-15 मिनट पहले ऑरा के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जब सिरदर्द बिना ‘ऑरा’ और  दूसरे लक्षणों के साथ शुरू होता है, तब इसे नॉन क्लासिकल या सामान्य माइग्रेन कहते हैं। सामान्य माइग्रेन बच्चों और किशोरों में अधिक होता है। माइग्रेन के जो कुल मामले देखे जाते हैं, उनमें से 70 से 85 प्रतिशत सामान्य माइग्रेन और 15 से 30 प्रतिशत क्लासिकल माइग्रेन वाले होते हैं। छोटे बच्चों में माइग्रेन के दौरे शाम को पड़ते हैं।

    अदरक की चाय है फायदेमंद

    माइग्रेन के दर्द पर काबू पाने के लिए अदरक की चया का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। अदरक एक बेहतरीन नैचुरल पेनकिलर है। अदरक में एंटी-इन्‍फ्लेमेटरी तत्‍व होते हैं जो किसी भी प्रकार के दर्द पर आसानी से काबू पा लेते हैं। यानी अगर आपको सिरदर्द, तनाव, माइग्रेन की समस्‍या हो तो उसे दूर करने के लिए अदरक की चाय का सेवन कीजिए। इसके अलावा अदरक में ऐसे तत्‍व भी पाये जाते हैं जो पाचन क्रिया को सुचारु करते हैं। यानी माइग्रेन के कारण होने वाली मतली और उल्‍टी की शिकायत भी दूर होती है।migraine-633x319

  • कैसे करें प्रयोगअदरक की चाय बनाने के लिए अदरक का एक छोटा टकड़ा लेकर उसे अच्‍छे से छील लीजिए। फिर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, उबलते पानी में इन टुकड़ों को डाल लीजिए। फिर इसे 10-15 मिनट तक उबालिये। उसके बाद इसे छानकर पीजिए। इसमें चीनी या शुगर की बजाय इसका अधिक फायदा उठाने के लिए शहद या नींबू का रस मिलायें।

    माइग्रेन का दर्द असहनीय होता है ऐसे में अदरक का सेवन इसके दर्द को दूर करने में सहायक है। तो अगर माइग्रेन का दर्द सताये तो प्राकृतिक तरीके से उसपर काबू पाने के लिए अदरक की चाय पियें।

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