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बदलते मौसम या अन्य कारणों से छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स किसी को भी हो सकती हैं। लेकिन ये हेल्थ प्रॉब्लम्स ऐसी होती हैं जिनके लिए अधिकतर लोग डॉक्टर के पास जाना पसंद नहीं करते हैं और घर पर ही दवाईयां लेकर उन्हें ठीक करने का प्रयास करते हैं।मगर ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं में ऐलोपेथिक दवाओं की बजाए घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदार होते हैं और शरीर को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। आज हम 9 फोटोज के माध्यम से परिचय करवाने जा रहे हैं 9 रामबाण नुस्खे जो नीचे लिखी प्रॉब्लम्स में रामबाण की तरह कार्य करते हैं।

-बारिश के मौसम में रोजाना तुलसी के पांच पत्ते खाने से मौसमी बुखार व जुकाम जैसी समस्याएं दूर रहती है।तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है।मुंह के छाले दूर होते हैं व दांत भी स्वस्थ रहते हैं।

-अदरक खाने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं। साथ ही अदरक दांतों को भी स्वस्थ रखता है।अदरक का एक छोटा टुकड़ा छीले बिना (छिलकेसहित) गर्म करके छिलका उतार दें। इसे मुंह में रख कर आहिस्ता-आहिस्ता चबाते चूसते रहने से अन्दर जमा और रुका हुआ बलगम निकल जाता है और सर्दी-खांसी ठीक हो जाती है।

– लौंग को पीसकर एक चम्मच शक्कर में थोड़ा-सा पानी मिलाकर उबाल लें व ठंडा कर लें। इसे पीने से उल्टी होना व जी मिचलाना बंद हो जाता है।

– कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।

– अगर आप किसी भी तरह के पेट के रोग यानी कब्ज, एसिडिटी, अपच या पेटदर्द से परेशान हैं, तो रोजाना खाने के बाद लगभग दस ग्राम गुड़ खाने की आदत डाल लीजिए। इससे खाना आसानी से पच जाता है। उसे कभी अपच कब्ज आदि पेट के रोग नहीं होते हैं।

– हींग, सोंठ, गुड आदि पाचन में बेहद सहायक चीजों का सेवन करने से यह बीमारी जड़ से चली जाती है। थोड़ी सी हल्दी, धनिया, अदरक और कालानमक लेकर इस थोड़े से पानी में उबालें। इस गर्म पानी को पी जाएं। पेट से गैस छू-मंतर हो जाएगी।

– 12 ग्राम गेहूं की राख इतने ही शहद में मिला कर चाटने से कमर और जोड़ों के दर्द में आराम होता है। गेहूं की रोटी एक ओर से सेंक लें और एक ओर से कच्ची रखें । कच्चे वाले भाग में तिल का तेल लगा कर दर्द वाले अंग पर बांध दें। इससे दर्द दूर हो जाएगा।

-आदिवासियों के अनुसार अर्जुन की छाल का चूर्ण 3 से 6 ग्राम गुड़, शहद या दूध के साथ दिन में 2 या 3 बार लेने से दिल के मरीजों को काफी फायदा होता है।अर्जुन छाल और जंगली प्याज के कंदो का चूर्ण समान मात्रा में तैयार कर प्रतिदिन आधा चम्मच दूध के साथ लेने से हृदय रोगों में हितकर होता है।

– अगर आपको पथरी की शिकायत है तो प्याज आपके लिए बहुत उपयोगी है।प्याज के रस को चीनी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से पथरी की से निजात मिलता है। प्याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने-आप कटकर प्यास के रास्ते से बाहर निकल जाती है।

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