हलाल से हलाला तक: हलाला से लेता है मौलवी कमसिन महिलाओं से मजा !

बहुत समय से एक शब्द सुनने को मिल रहा है, यूनिफार्म सिविल कोड आखिर ये  है क्या ? क्यों मुस्लिमों का एक तलाक से काम नहीं होता ? क्यों इसका विरोध करते हैं मुस्लिम मौलवी और मुस्लिम मजहब के प्रचारक ? एक जैसे क़ानून से इन मुस्लिमों के परेशानी क्या है ? क्यों मुस्लिम औरतें इस प्रथा से छुटकारा चाहती हैं ? ऐसे ही कई सवाल हैं जिनका जवाब आपको यहाँ मिलेगा..

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सबसे पहले बात करते हैं कुरान में प्रयोग किए गए दो शब्दों का “हलाल” और “हलाला” ? ये शब्द बहुत आम हैं लेकिन इन दोनों शब्दों का मतलब उतना ही गहरा है l जब एक मुसलमान धर्म के नाम पर निर्दोष जानवर की गर्दन काट देता है तो इसे कहते हैं हलाल, अल्लाह को खुश करने के लिए ऐसा करने के पीछे का कारण बताया जाता है l हलाल शब्द तो आपने कई बार सुना होगा पर क्या आप इस हलाल से मिलते जुलते शब्द हलाला का मतलब जानते हैं ? इस शब्द का मतलब बहुत कम लोग जानते हैं क्योंकि ये शब्द जुड़ा है मुसलमानों के वैवाहिक जीवन और महिलाओं के खिलाफ नफरत से, नफरत भी ऐसी जिसने आज तक औरतों के जीवन में मातम का माहौल बना रखा है l मुसलमानों में 2 या 3 बीबी  रखना आम बात है लेकिन कई बार मौलवी इस क़ानून का फायदा उठा लेते हैं l

अगले पेज पर जानिए क्या है “हलाला” और कैसे 3 बार तलाक बोलने से तलाक हो जाता है l 

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दिल के मरीजों की एक्सरसाइज के समय ध्यान देने योग बातें!!

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हार्ट सर्जरी के बाद जब भी एक्सरसाइज की शुरुवात करें, जॉगिंग या स्विमिंग जैसी हल्की एक्सरसाइज से ही करें!

यकीन मानिए आज के समय में अधिकतर लोग जो हाइपरटेंशन, दिल से जुड़ी बीमारियों और डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं उसकी मुख्य वजह उनकी सुस्त और खराब जीवनशैली ही है। घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करना और जंक फ़ूड का अधिक सेवन जैसी आदतें ही उन्हें इन बीमारियों की चपेट में ला रही हैं। हालाँकि हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि रोजाना एक्सरसाइज करके काफी हद तक इन बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है लेकिन फिर भी कई लोग समय की कमी और व्यस्तता के कारण एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं। अगर आप दिल से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं तो एक्सरसाइज करना बहुत ज़रूरी हो जाता है। मुंबई स्थित एशियन हार्ट इंस्टिट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ, निलेश गौतम यहाँ दिल से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए बता रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

 
  • अगर हाल ही में आपको दिल से जुड़ी कोई समस्या हुई है और अभी उसका इलाज चल रहा है तो इस दौरान ऐसी कोई भी एक्सरसाइज न करें जिससे हार्ट पर ज्यादा दवाब पड़ता हो क्योंकि इससे आपकी स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है।
  • अगर हाल ही में आपने हार्ट सर्जरी करवाई है और अब आप एक्सरसाइज करने के बारे में सोच रहे हैं तो शुरुवात में कोई भी हैवी एक्सरसाइज न करें बल्कि सिर्फ वाक करें। रोजाना सुबह और शाम आराम से 4-6 किलोमीटर वाक करें। किसी भी सर्जरी के कम से कम 6 हफ़्तों बाद ही किसी तरह की एक्सरसाइज शुरू करनी चाहिये।

सावधानियां जारी है… click next