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नई दिल्लीः हिम्मत अगर हो तो छोटी उम्र में भी पहाड़ माने जाने वाले काम आप कर सकते हो। यह साबित कर दिखाया है गुजरात के अहमदाबाद की 22 वर्षीय छात्रा झरना जोशी ने। झरना की दिलेरी ने एक कारखाने में बंधक बने111 बाल मजदूरों को एक कारखाने से मुक्त कराया। इसमें सौ लड़कियां थीं। अफसर कह रहे कि सौराष्ट्र इलाके में बाल मजदूरों को लेकर अब तक यह सबसे बड़ा आपरेशन है। कारखाने में बच्चों से जबरन गोल्ड जूलरी, सेरामिक आदि काम कराए जाते थे।

एमबीए की डिग्री धारी झरना एक दिन मार्केट में थी। देखा कि एक बस से बच्चों को भरकर कहीं ले जाया जा रहा है। वह स्कूली बस नहीं थी, इस पर झरना ने बस का पीछा किया तो पता चला कि बच्चों को कारखाने में काम कराने ले जाया गया है। कारखाने का सच जानने के लिए झरना ने वहां नौकरी की।

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